छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर।
कवर्धा के किसान जेएल वर्मा का वीडियो वायरल।
छत्तीसगढ़ी गीत के जरिए किसान ने जाहिर की अपनी पीड़ा।
चक्रवाती तूफान से खेतों में गिरी धान की बालियां।
Chhattisgarh Kisan Viral Video: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर किसानों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। बारिश और तेज हवाओं के चलते खेतों में पकने को तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। महीनों की मेहनत के बाद अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के सामने अब नुकसान की चिंता खड़ी हो गई है। इस बीच कवर्धा के किसान जेएल वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह छत्तीसगढ़ी गीत के जरिए अपनी पीड़ा जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
किसान जेएल वर्मा ने अपने खेत में बिछी धान की फसल का वीडियो बनाया और छत्तीसगढ़ी गीत गाकर अपनी व्यथा सुनाई। उनके गीत में मौसम की मार, फसल बर्बादी और किसान की बेबसी साफ झलकती है। जिस धान की फसल से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होने और सालभर की जरूरतें पूरी होने की उम्मीद थी, उसी पर खराब मौसम ने संकट खड़ा कर दिया है।
किसान का यह वीडियो अब चर्चा में है। खेतों में गिरी धान की बालियां किसानों की मुश्किलों को बयां कर रही हैं। फसल को हुए नुकसान के बीच अब किसानों की निगाहें प्रशासन की ओर हैं। वे नुकसान का आकलन, उचित मुआवजा और राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की खबरें हैं। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के पांच जिलों-नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर और दंतेवाड़ा-के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं, बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।
खराब मौसम की आशंका के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रायपुर जिले में गुरुवार को स्कूलों और कॉलेजों में एक दिन का अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रशासन ने बारिश और तेज हवाओं से संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाया है।
धान की फसल को हुए नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में गिरी फसल से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करेगा और नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाएगा। फिलहाल, कवर्धा के किसान का गीत मौसम की मार झेल रहे अन्नदाताओं की पीड़ा को सामने ला रहा है। खेतों में बिछी धान की फसल के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कब और कैसे होगी।