तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर जताया विरोध।
दीपावली से पहले बकाया राशि जारी करने की मांग।
सांकेतिक रूप से भीख मांगकर किया प्रदर्शन।
30 करोड़ रुपए का मनरेगा भुगतान लंबित।
Gariaband Panchayat Unioun Protest: गांवों में विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति अब खुद सवालों के घेरे में है। सड़क, नाली और अन्य निर्माण कार्य कराने के बाद भी महीनों तक भुगतान नहीं मिलने से सरपंचों का धैर्य जवाब देने लगा है।
दीपावली से पहले बकाया राशि जारी करने की मांग को लेकर सोमवार को जिला सरपंच संघ गरियाबंद ने जिला मुख्यालय में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में कटोरा लेकर सरपंच सड़कों पर उतरे और सांकेतिक रूप से भीख मांगकर शासन-प्रशासन का ध्यान पंचायतों की बदहाल आर्थिक स्थिति की ओर खींचा। बाद में तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 पर यातायात रोक दिया।
संघ का आरोप है कि पंचायतों में मनरेगा के तहत काम तो कराए गए, लेकिन मजदूरी और निर्माण सामग्री की राशि करीब आठ महीने से नहीं मिली है। पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए सूचना पत्र में लगभग 30 करोड़ रुपये का मनरेगा भुगतान लंबित होने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मूलभूत सुविधाओं की राशि, 16वें वित्त आयोग का अनुदान, निर्माण कार्यों का भुगतान और पंचों एवं उपसरपंचों का मानदेय भी अटका हुआ है।
सरपंचों की नाराजगी केवल भुगतान में देरी को लेकर नहीं, बल्कि उन कार्यों को लेकर भी है जिनका निर्माण पूरा हो चुका है। कई पंचायतों में निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और सत्यापन तक कराया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। संघ के मुताबिक कुछ निर्माण कार्यों की राशि पांच से छह महीने से लंबित है। इससे पंचायतों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विकास कार्य कराने के बाद भुगतान नहीं मिलने से पंचायतों की देनदारियां बढ़ती जा रही हैं और नए काम शुरू करने में भी परेशानी हो रही है।
सरपंचों की नाराजगी केवल भुगतान में देरी को लेकर नहीं, बल्कि उन कार्यों को लेकर भी है जिनका निर्माण पूरा हो चुका है। कई पंचायतों में निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और सत्यापन तक कराया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। संघ के मुताबिक कुछ निर्माण कार्यों की राशि पांच से छह महीने से लंबित है। इससे पंचायतों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विकास कार्य कराने के बाद भुगतान नहीं मिलने से पंचायतों की देनदारियां बढ़ती जा रही हैं और नए काम शुरू करने में भी परेशानी हो रही है।
आंदोलन का सबसे चर्चित दृश्य वह रहा, जब सरपंच हाथों में कटोरा लेकर सांकेतिक भीख मांगते नजर आए। यह विरोध का तरीका पंचायत प्रतिनिधियों की नाराजगी जाहिर करने के लिए अपनाया गया। सरपंचों का कहना है कि गांवों में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है, लेकिन उन कार्यों की राशि के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। दीपावली जैसे त्योहार से पहले भी भुगतान नहीं होना पंचायतों की परेशानी को और बढ़ा रहा है।
बकाया भुगतान को लेकर सरपंचों ने तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर दिया। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। जिला मुख्यालय में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के आयोजन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।
Story By- Vinod Jain