

Labour Court Dues Recovery Agra: श्रम न्यायालय के आदेश के बावजूद कर्मचारी के बकाया 2.60 लाख रुपये का भुगतान नहीं करना लोअर खंड सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय को भारी पड़ा। बकाया राशि की वसूली के लिए कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम ने लोअर खंड सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचकर चल संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की।
मामला कर्मचारी के बकाया भुगतान से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार श्रम न्यायालय ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला देते हुए 2,60,116 रुपये की धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद निर्धारित बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कर्मचारी ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बकाया धनराशि की वसूली भू-राजस्व की तरह किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी क्रम में राजस्व विभाग की ओर से आरसी प्रपत्र-38 के तहत चल संपत्ति की कुर्की का अधिपत्र जारी किया गया। शुक्रवार को संग्रह अमीन संजय कुलश्रेष्ठ अधिपत्र लेकर लोअर खंड सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विभागीय कार्यालय की चल संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की।
राजस्व विभाग के अनुसार कुर्क की गई संपत्ति को तब तक सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा, जब तक बकाया 2,60,116 रुपये के साथ कुर्की की कार्रवाई में हुए खर्च की वसूली नहीं हो जाती। कार्रवाई के बाद सिंचाई विभाग के कार्यालय में इस मामले को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा होती रही।
हालांकि कार्रवाई के बाद सिंचाई विभाग की ओर से हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए समय मांगा गया है। एसडीएम (सदर) विक्रम राघव ने बताया कि सिंचाई विभाग ने उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। विभाग के अनुरोध पर विचार किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
राजस्व विभाग की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि न्यायालय के आदेश के बाद बकाया धनराशि का भुगतान नहीं होने पर संबंधित विभाग या संस्था के खिलाफ राजस्व वसूली की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।