

भाजपा नेता नवनाथ बन ने राहुल गांधी पर महाराष्ट्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।
दिल्ली में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली में नेताओं को बोलने का मौका नहीं मिला।
सुप्रिया सुले और संजय राउत जैसे प्रमुख नेताओं को मंच पर नजरअंदाज किया गया।
Navnath Ban On Ramlila Maidan Rally Maharashtra Neglect Allegations: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में INDI Alliance को लेकर तीखा हमला शुरू हो गया है। भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने अपनी पत्रकार परिषद में विरोधी गठबंधन पर महाराष्ट्र के प्रति द्वेष व पूर्वाग्रह रखने का गंभीर आरोप लगाया।
भाजपा नेता नवनाथ बन ने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में महाराष्ट्र के किसी भी नेता को मंच से संबोधन का मौका नहीं दिया गया।
नवनाथ बन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और शरद पवार गुट के नेता दिल्ली में आयोजित इस रैली में भाग लेने गए थे, लेकिन राहुल गांधी और INDI गठबंधन ने उन्हें भाषण देने का अवसर तक नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कम से कम सुप्रिया सुले को बोलने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
इसके अलावा, संजय राउत जो रोजाना सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी की तारीफ करते हैं, उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया। बन का आरोप है कि राहुल गांधी का महाराष्ट्र के प्रति हमेशा से भेदभावपूर्ण रवैया रहा है और इस रैली से गठबंधन की यह मानसिकता साफ उजागर हो गई है।
भाजपा प्रवक्ता ने रैली में जुटी भीड़ पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान की क्षमता करीब 50 हजार लोगों की है, लेकिन वहां 50 प्रतिशत कुर्सियां खाली पड़ी थीं और केवल 20 से 25 हजार लोग ही एकत्र हो सके थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कम भीड़ को छुपाने के लिए कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों ने AI से तैयार की गई फर्जी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल किया। बन ने कहा कि एआई को कमांड देते समय भी भारी चूक हुई; असल में रैली स्थल पर ऊपर छप्पर लगा हुआ था, जबकि एआई जनरेटेड फोटो में बिना छप्पर के भीड़ दिखा दी गई।
संजय राउत द्वारा रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने के दावे पर चुटकी लेते हुए नवनाथ बन ने कहा कि यदि रामलीला मैदान में 10 लाख लोग आते, तो लोगों को दही-हंडी उत्सव की तरह एक के ऊपर एक 10 परतें बनाकर खड़ा होना पड़ता। बन ने कहा कि आंकड़े फुलाकर बताना संजय राउत की पुरानी आदत है।
इसके अलावा, इंडी गठबंधन में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर उन्होंने तंज कसा कि उनके पास हफ्ते के सात दिनों के लिए अलग-अलग प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं सोमवार को राहुल गांधी, मंगलवार को अरविंद केजरीवाल, बुधवार को ममता बनर्जी, गुरुवार को अखिलेश यादव और शुक्रवार को उद्धव ठाकरे।
राहुल गांधी के भीड़तंत्र का जवाब देने के लिए महायुति की तरफ से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और आशीष शेलार के नेतृत्व में ठाणे और मुंबई में लोकतंत्र बचाओ रैलियों का आयोजन किया गया।
वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नवनाथ बन के इस वक्तव्य के बाद जनता की विभिन्न प्रतिक्रियाएं आईं। एस. म्हात्रे नामक यूजर ने लिखा कि पदवीधरों ने भाजपा को नकार दिया है, जबकि एक अन्य यूजर ने सलाह दी कि भाजपा को उन नेताओं के लिए एक बड़ी सभा आयोजित करनी चाहिए जिन्हें दिल्ली में बोलने का मौका नहीं दिया गया।