गोंदिया में मनरेगा ठप! 49,000 से ज्यादा काम अधूरे, 541 करोड़ का भुगतान न होने से मचा हाहाकार

Gondia MGNREGA Crisis: गोंदिया में मनरेगा ठप! 49,067 काम अधूरे और ₹541 करोड़ का भुगतान बकाया। 180 कर्मचारियों की हड़ताल से मजदूरों का रोजगार छिनने का खतरा।
MGNREGA stalls in Gondia with 49,067 incomplete works and ₹541.61 Cr skilled bill arrears. 180 employees on strike; administration seeks alternate arrangements.
गोंदिया न्यूज
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Gondia News: पिछले तीन-चार सालों से 40 हजार से ज्यादा मनरेगा के काम अधूरे पड़े होने की बात सामने आई है। जिले की करीब 80 से 90 प्रश। ग्रापं में मस्टर लॉक होने की वजह से जिले में यह योजना ठप हो गई है। रोगायो कर्मचारियों ने भी हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी है। इस बीच, मनरेगा कामों को रुकने से रोकने के लिए उप जिलाधीश भैयासाहेब बेहेरे ने जिले के सभी पंचायत समिति संवर्ग विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर दूसरी व्यवस्था करने को कहा है।

निर्देश दिए हैं कि काम तुरंत शुरू किए जाएं। हालांकि, खुद अधिकारी ही कहने लगे हैं कि दूसरी व्यवस्था करना भी मुश्किल काम है। मनरेगा एक्ट की कमियों को ठीक करने और नए कानून के जरिए ग्रामीण रोजगार पॉलिसी में बदलाव लाने के उद‍्देश्य से जी रामजी विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) नाम की योजना शुरू की गई है।

इस कानून का उद‍्देश्य सिर्फ रोजगार उत्पन्न करना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ और काम का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना भी है। इसका उद‍्देश्य पानी, बेसिक ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजी-रोटी से जुड़े काम और भारी बारिश, बाढ़, सूखे और मौसम की मार से बचाव करना है।

इसमें ग्राम पंचायतों को केंद्र में रखकर स्थानीय रोजगार निर्माण करने पर जोर दिया गया है। लेकिन, अभी जिले में मनरेगा का काम अधूरा होने की वजह से मजदूरों को परेशानी हो रही है।

पोर्टल पर अधूरे काम

ग्रापं ने मनरेगा के तहत बहुत काम किया है। लेकिन, अगर ग्रापं के 20 से ज्यादा काम अधूरे हैं, तो मस्टर सिस्टम उस ग्रापं को लॉक कर देता है। हालांकि ग्रापं के किए गए काम जमीनी स्तर पर पूरे हो चुके हैं, लेकिन उन कामों के बिल का पेमेंट सरकार को नही मिला है, और इसलिए कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC Complete Work) न होने की वजह से, पोर्टल पर पूरा काम अधूरा दिखाया जा रहा है। पता चला है कि कुछ ग्रापं सरपंच मस्टर अनलॉक करने और बकाया बिलों का पेमेंट करने के लिए न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।

जिले में 180 कर्मचारी हड़ताल पर

जिले में 180 कर्मचारियों ने अलग-अलग मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन किया है। इससे मनरेगा का काम प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण जिले में मनरेगा का काम रुक गया है। अब इन कर्मचारियों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

हम जल्द ही काम शुरू कर देंगे

जिले में मनरेगा कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। पिछले कुछ काम अधूरे हैं। संवर्ग विकास अधिकारी को दूसरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। हम जल्द ही काम शुरू कर देंगे।

- विजय लोंढ़े, उपजिला कार्यक्रम समन्वयक, मनरेगा, जिप गोंदिया

मनरेगा का काम रुकना नहीं चाहिए

जिले में मनरेगा का काम रुकना नहीं चाहिए। ग्रामीण इलाकों के लोगों को रोजगार देने के लिए मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कोई दूसरी व्यवस्था की जाए और काम जल्दी पूरा किया जाए, इसके लिए पत्र भेजा गया है। - भैयासाहेब बेहेरे, निवासी उप जिलाधीश, गोंदिया

अधूरे कार्यों का वर्षवार विवरण

वित्तीय वर्ष (Financial Year) अधूरे कार्यों की संख्या (Incomplete Works)
2022-23 2,558
2023-24 5,613
2024-25 18,307
2025-26 22,489
कुल योग 49,067
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