Dhamtari Rape Case Verdict : मार्च 2025 में धमतरी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ था। घटना के बाद पीड़िता 31 हफ्ते की गर्भवती हो गई थी। पीड़िता के परिजनों ने हाईकोर्ट से अबॉर्शन की मांग की थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया। रायपुर के अस्पताल में डॉक्टर इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले में बहुत बड़ा आदेश दिया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता को गर्भपात की इजाजत दी है। पीड़िता फिलहाल 31 हफ्ते से अधिक समय की गर्भवती है। कोर्ट ने लड़की की इच्छा और स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखा।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म से जुड़ी गर्भावस्था गहरी मानसिक पीड़ा देती है। कानून इस मानसिक स्थिति को शरीर पर गंभीर चोट मानता है। इसलिए नाबालिग की शारीरिक स्वायत्तता का सम्मान होना बहुत जरूरी है।
यह मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का बताया जा रहा है। नाबालिग के साथ मार्च 2025 में यौन हमला हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले में BNS और POSCO कानून के तहत कार्रवाई की गई।
इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़िता ने अपने कानूनी संरक्षक के जरिए याचिका दाखिल की थी। उसने कोर्ट से गर्भपात कराने की अनुमति तुरंत मांगी थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने को कहा। बोर्ड ने 25 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट जमा की। रिपोर्ट में बताया गया कि गर्भ 31 सप्ताह छह दिन का है। भ्रूण बिल्कुल स्वस्थ है और सामान्य रूप से बढ़ रहा है।
चिकित्सकों ने इस प्रक्रिया में जोखिम होने की बात कही। अधिक समय होने के कारण रक्तस्राव का खतरा बना रहता है। लेकिन विशेषज्ञों की मौजूदगी में इलाज संभव बताया गया। धमतरी में मानसिक विशेषज्ञ न होने से रायपुर भेजने की सलाह मिली।
हाईकोर्ट ने धमतरी स्वास्थ्य अधिकारी को तुरंत निर्देश जारी किए। पीड़िता को रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने को कहा। विशेषज्ञों की देखरेख में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कोर्ट ने एंबुलेंस, पर्याप्त रक्त और डॉक्टरों की टीम सुनिश्चित की। नवजात की देखभाल और मानसिक सहायता देने का आदेश दिया। साथ ही जैविक नमूने सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। दो हफ्तों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।