

Chhattisgarh Medical PG Stipend Update : छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने पीजी मेडिकल छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिया है। अब छात्रों को हर महीने 94 हजार रुपये तक स्टाइपेंड मिलेगा।
इस फैसले से लंबे समय से चला आ रहा विवाद सुलझ गया है। बढ़ा हुआ स्टाइपेंड अक्टूबर से लागू किया जाएगा। सरकार के इस कदम से सैकड़ों रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधा फायदा मिलेगा।
सरकार ने सिर्फ मेडिकल छात्रों को ही नहीं, बल्कि डेंटल छात्रों को भी राहत दी है। डेंटल पीजी छात्रों का स्टाइपेंड भी अब मेडिकल छात्रों के समान होगा। दोनों वर्गों के छात्र लंबे समय से समान स्टाइपेंड की मांग कर रहे थे।
इस फैसले से डेंटल रेजिडेंट डॉक्टरों में खुशी की लहर है। अब उन्हें भी हर महीने बढ़ा हुआ स्टाइपेंड दिया जाएगा। इससे उनकी आर्थिक चिंताएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
पीजी छात्र काफी समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठा रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। छात्रों ने सबसे पहले 24 सितंबर से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया था।
ओपीडी बंद होने से अस्पतालों में व्यवस्था बिगड़ने लगी थी। इसके बाद छात्रों ने 18 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी थी। अगर इमरजेंसी सेवाएं ठप होतीं, तो स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाती।
छात्रों का कहना था कि अस्पतालों में उन पर काम का भारी दबाव रहता है। वे दिन-रात मरीजों की देखभाल में लगे रहते हैं। बढ़ती महंगाई के दौर में पुराना स्टाइपेंड बहुत कम पड़ रहा था।
छात्रों ने दूसरे राज्यों की तर्ज पर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग रखी थी। उनका कहना था कि रेजिडेंट डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होते हैं। इसलिए उन्हें उचित मानदेय मिलना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने से दूर-दराज से आए लोग परेशान हो रहे थे। इमरजेंसी सेवाएं बंद होने पर स्थिति और बिगड़ सकती थी।
सहमति बनने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली है। अब अस्पतालों में सभी चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से चलने लगी हैं। मरीजों को अब समय पर इलाज मिल सकेगा।