Bhilai Devendra Yadav Election Petition Update : बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव विवाद को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में इस मामले की पैरवी की गई।
सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद रहे। दोनों पक्षों की आपसी सहमति के बाद कोर्ट ने अगली तारीख तय कर दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को की जाएगी।
कोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत दायर आवेदन को विचार के लिए रखा है। इसे कानूनी भाषा में सीपीसी भी कहा जाता है। इस आवेदन पर अदालत अब तय की गई तारीख पर ही आगे की कार्रवाई करेगी।
यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के पराजित प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडेय ने दाखिल की है। बीजेपी नेता ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इस कानून को संक्षेप में आरपीए कहते हैं। याचिका में देवेंद्र यादव के निर्वाचन पर कई कानूनी सवाल खड़े किए गए हैं। प्रेम प्रकाश पांडेय का मुख्य आरोप है कि देवेंद्र यादव का नामांकन पत्र नियमों के विपरीत स्वीकार किया गया।
उन्होंने याचिका में दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आवश्यक वैधानिक जानकारियां छिपाई गईं। इसके अलावा चुनाव के दौरान दिए गए कुछ बयानों और आचरण को चुनावी भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में शामिल करने की मांग की गई है।
इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पहले ही पांच प्रमुख कानूनी मुद्दे तय कर दिए थे। अदालत ने 21 अगस्त 2024 को हुई सुनवाई के दौरान इन बिंदुओं को रेखांकित किया था।
इनमें पहला मुद्दा देवेंद्र यादव के नामांकन पत्र की वैधता से जुड़ा हुआ है। वहीं दूसरा मुद्दा चुनाव के दौरान जरूरी वैधानिक जानकारी दिए जाने से संबंधित है।
इसके अलावा तीसरे मुद्दे में चुनावी भ्रष्ट आचरण के आरोपों की जांच शामिल है। चौथा मुद्दा आरपीए की धारा 83 की अनिवार्य शर्तों के पालन से जुड़ा है।
पांचवां और अंतिम मुद्दा याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत के अधिकार पर आधारित है। आगामी 16 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में इन्हीं बिंदुओं पर कोर्ट आगे विचार करेगा।