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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के देवरबीजा में कांग्रेस का प्रदर्शन चल रहा था।
यह प्रदर्शन बिजली बिलों में वृद्धि और चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित था।
विरोध के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पुतला जलाया जा रहा था।
पुतले पर पेट्रोल डालते ही अचानक भीषण आग भड़क उठी।
हादसे में कई कार्यकर्ता झुलस गए और मौके पर भगदड़ मच गई।
Chhattisgarh Political Protest Accident : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ देवरबीजा में कांग्रेस कमेटी का विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुतला जलाते समय अचानक आग भड़क गई। इस हादसे में कई कार्यकर्ता आग की लपटों में आ गए।
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। घायल कार्यकर्ताओं को तुरंत संभालने की कोशिश की गई।
कांग्रेस कार्यकर्ता बढ़ते बिजली बिल का विरोध कर रहे थे। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी था। कार्यक्रम की शुरुआत एक जनसभा से की गई थी। सभा के बाद नेताओं ने पुतला दहन की योजना बनाई थी।
कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पुतले के पास एकत्र हुए थे। तभी पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ डाला गया। इससे आग ने अचानक बहुत विकराल रूप ले लिया। आसपास खड़े लोग संभल भी नहीं पाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुतले पर पेट्रोल डाला गया था। जैसे ही आग लगाई गई, लपटें तेजी से फैल गईं। समीप खड़े कई कार्यकर्ता आग की चपेट में आ गए। अचानक हुए इस हादसे से भीड़ में हड़कंप मच गया। फिलहाल झुलसे कार्यकर्ताओं की सटीक संख्या सामने नहीं आई है।
घायलों की शारीरिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। अस्पताल में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
देवरबीजा के इस कार्यक्रम में कई बड़े नेता शामिल थे। पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे मंच और प्रदर्शन में मौजूद थे। पूर्व विधायक गुरदयाल सिंह बंजारे भी मौके पर उपस्थित थे। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आशीष छाबड़ा भी प्रदर्शन में शामिल थे।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के दौरान यह दुर्घटना घटी। हादसे के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। नेता और कार्यकर्ता घायलों की मदद में जुट गए। प्रशासनिक टीम भी सूचना मिलते ही सतर्क हो गई।
दुर्घटना में घायल हुए लोगों की स्थिति की पुष्टि बाकी है। आधिकारिक तौर पर चिकित्सा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस मामले की पूरी पड़ताल कर रही है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विरोध प्रदर्शनों में पुतला दहन के समय अक्सर खतरा रहता है। पेट्रोल जैसे पदार्थों का उपयोग बेहद जोखिम भरा होता है। इस घटना के बाद सुरक्षा उपायों पर चर्चा तेज हो गई है। आगामी प्रदर्शनों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।