पुजारी कांकेर के जंगलों में CRPF और कोबरा का संयुक्त सर्च ऑपरेशन।
पामेड़ एरिया कमेटी की कथित बड़ी साजिश नाकाम।
सुरक्षा बलों ने जब्त की विस्फोटक सामग्री।
Bastar Naxal Dump Recovery: बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के बीच सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर के घने जंगलों में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया विस्फोटकों का बड़ा डंप बरामद हुआ है। जंगल की खामोशी के बीच छिपाए गए इस जखीरे में 143 नग बीजीएल राउंड मिले हैं। सुरक्षा बलों की सतर्कता से यह सामग्री माओवादियों के हाथों से निकलकर सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में पहुंच गई।
जानकारी के मुताबिक, उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम पुजारी कांकेर के जंगलों में पामेड़ एरिया कमेटी के माओवादियों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बलों को खुफिया इनपुट मिला था। इसके बाद सीआरपीएफ की 196वीं वाहिनी और कोबरा की 208वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। जंगल के भीतर तलाशी के दौरान जवानों को माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप मिला।
सर्चिंग के दौरान मिले डंप से 143 नग बीजीएल राउंड और एक सिंटेक्स टंकी बरामद की गई। इतनी बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी को सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में डंप का संबंध पामेड़ एरिया कमेटी के माओवादियों से होने की आशंका जताई गई है। माना जा रहा है कि इस सामग्री को भविष्य में किसी बड़ी वारदात के लिए सुरक्षित रखा गया था। हालांकि, इसके वास्तविक इस्तेमाल और मंशा की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बीजापुर का उसूर और पामेड़ इलाका लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। ऐसे इलाकों में छिपे डंप की बरामदगी नक्सलियों के बचे हुए संसाधनों और नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने वाली कार्रवाई मानी जा रही है। बरामद सामग्री को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना उसूर के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं, इलाके में सुरक्षा बलों की गश्त और सर्चिंग अभियान जारी है।सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई ने जंगलों में छिपाकर रखे गए माओवादी जखीरे को उजागर कर दिया है।