Highlights:
सेंसेक्स कारोबार के दौरान 906.53 अंक उछलकर 75,366.06 के स्तर पर पहुंचा।
निफ्टी 50 में 1.07 प्रतिशत की तेजी रही और यह 23,301.25 तक पहुंचा।
ब्रेंट क्रूड करीब 3 प्रतिशत गिरकर 109.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
Share Market Today: दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह बढ़ता नजर आया। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। दिन के दौरान सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी में भी एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिकी और ईरान के बीच बातचीत सफल होने की उम्मीदों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। आईटी, ऑटो और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74,459.53 के बंद स्तर के मुकाबले 718.71 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,178.24 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 169.20 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,222.30 पर कारोबार शुरू किया।
शुरुआती तेजी के बाद बाजार में खरीदारी और बढ़ी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 906.53 अंक यानी 1.21 प्रतिशत उछलकर 75,366.06 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी ने भी 248.15 अंक यानी 1.07 प्रतिशत की छलांग लगाई और 23,301.25 का स्तर छुआ।
भारतीय शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति की उम्मीदों से तेल बाजार पर दबाव देखने को मिला।
ब्रेंट क्रूड की कीमत पिछले सप्ताह के 118 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से घटकर करीब 110 डॉलर तक आ गई। सोमवार को ब्रेंट क्रूड लगभग 3 प्रतिशत गिरकर 109.97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी करीब 3 प्रतिशत टूटकर 100.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
बता दें कि शेयर बाजार की तेजी का असर सिर्फ प्रमुख सूचकांकों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत चढ़ा।
इससे संकेत मिला कि निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के साथ छोटे और मझोले शेयरों में भी दिलचस्पी दिखाई।
वहीं सेक्टरवार कारोबार में ऑयल एंड गैस शेयर सबसे आगे रहे। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑटो 0.77 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
हालांकि, कुछ सेक्टरों में कमजोरी भी रही। निफ्टी रियल्टी में 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 0.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक आंकड़ों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। बैंकिंग क्षेत्र में 17.94 प्रतिशत की क्रेडिट ग्रोथ और अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह को अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके अलावा अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट भी बाजार के लिए राहत देने वाला कारक रही। यह यील्ड घटकर 4.93 प्रतिशत पर आ गई, जिससे निवेशकों की धारणा को समर्थन मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों में निवेश को लेकर बढ़ती चिंताओं का फायदा भारतीय बाजार को मिल सकता है। पिछले सप्ताह अमेरिकी नैस्डैक में 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद निवेशक दूसरे बाजारों में निवेश के अवसर तलाश सकते हैं।
शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में इंटेल और अमेजन के कमजोर नतीजों तथा एआई क्षेत्र में भारी निवेश को लेकर चिंताओं के कारण बिकवाली हुई थी। नैस्डैक में 5 जून के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू आर्थिक संकेतों के दम पर मजबूती दिखाई।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 53.50 पर पहुंच गया है, जो इसकी औसत रीडिंग 45.97 से ऊपर है। इसे बाजार में मजबूती का संकेत माना जा रहा है। वहीं, पुट-कॉल रेशियो (PCR) 1.24 पर रहा, जो डेरिवेटिव्स बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,900 से 23,000 का स्तर अहम सपोर्ट जोन है। वहीं, 23,200 से 23,250 के बीच का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यदि निफ्टी 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बना रहता है, तो बाजार की तेजी को और समर्थन मिल सकता है।