अवधुत साठे और सेबी  (सोर्स- सोशल मीडिया)
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निवेशकों को वापस मिलेंगे ₹546 करोड़, सेबी ने ASTPL और उसके संस्थापकों पर क्यों कसा शिकंजा? जानें सबकुछ

SEBI Action on Avadhut Sathe: सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी और उसके संस्थापकों पर शिकंजा कसते हुए ₹546 करोड़ निवेशकों को लौटाने का आदेश दिया। जानें क्या है यह पूरा मामला।

मनोज आर्या

Highlights:

  • सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक्शन लिया है।

  • SEBI ने निवेशकों से जुटाए गए 546.17 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है।

  • अवधूत साठे को छह महीने के लिए बाजार से दूर रहने का भी आदेश दिया गया है।

SEBI Action Against Avadhut Sathe: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड (ASTPL) और इसके संस्थापक अवधूत साठे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेशकों और प्रतिभागियों से जुटाए गए 546.17 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है। सेबी ने पाया कि कंपनी और उसके संस्थापक बिना आवश्यक पंजीकरण के निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रहे थे।

अपने अंतिम आदेश में सेबी ने अवधूत साठे और उनकी कंपनी को प्रतिभूति बाजार से दो वर्षों के लिए या रिफंड संबंधी निर्देशों का पालन होने तक, जो भी अधिक हो प्रतिबंधित कर दिया है।

मार्केट से छह महीने दूर रहने का आदेश

वहीं कंपनी के निदेशक अवधूत साठे को छह महीने के लिए बाजार से दूर रहने का आदेश दिया गया है। सेबी ने निर्देश दिया है कि कंपनी और अवधूत साठे आदेश प्राप्त होने के पांच महीने के भीतर पूरी 546.17 करोड़ रुपये की राशि एक विशेष बैंक खाते में जमा करें। इसके साथ ही उन्हें 30 दिनों के भीतर अंग्रेजी, हिंदी और एक व्यापक रूप से प्रसारित स्थानीय भाषा के समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कर निवेशकों को रिफंड प्रक्रिया की जानकारी देनी होगी।

नियामक ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को धनवापसी केवल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर या अन्य बैंकिंग माध्यमों से की जाएगी, ताकि भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

सेबी को सौंपनी होगी बची हुई राशि

यदि सभी दावेदारों को भुगतान के बाद कोई राशि बचती है, तो उसे सेबी को सौंपना होगा। यह राशि एक वर्ष तक एस्क्रो खाते में रखी जाएगी, ताकि पात्र निवेशकों और शिकायतकर्ताओं को भुगतान किया जा सके। इसके बाद भी यदि धन शेष रहता है तो उसे निवेशक संरक्षण एवं शिक्षा कोष (आईपीईएफ) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

सेबी ने कंपनी, अवधूत साठे और गौरी साठे पर कुल 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसमें कंपनी पर 6 करोड़ रुपये, अवधूत साठे पर 4 करोड़ रुपये और गौरी साठे पर 1.5 करोड़ रुपये का दंड शामिल है। यह राशि आदेश प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।

सेबी की जांच के बाद ASTPL पर एक्शन

सेबी ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक पूरी राशि जमा नहीं की जाती, तब तक संबंधित पक्षों के बैंक खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक रहेगी। यह कार्रवाई सेबी की जांच के बाद की गई, जिसमें पाया गया कि एएसटीपीएल और उसके संस्थापक केवल शेयर बाजार की शिक्षा देने तक सीमित नहीं थे, बल्कि निवेशकों को विशिष्ट शेयरों में खरीद और बिक्री की सलाह भी दे रहे थे।

जांच में सामने आया कि कंपनी कथित तौर पर एंट्री और एग्जिट स्तर, स्टॉप लॉस और शेयरों की कीमतों की दिशा से जुड़े सुझाव दे रही थी, जबकि इसके लिए आवश्यक नियामकीय पंजीकरण उसके पास नहीं था।

ASTPL और अवधुत साठे पर आरोप

सेबी ने यह भी पाया कि कंपनी अपने प्रचार सामग्री में चुनिंदा लाभदायक सौदों को प्रमुखता से दिखा रही थी और प्रतिभागियों को ऊंचे रिटर्न का दावा कर आकर्षित कर रही थी। मार्च 2024 में प्रशासनिक चेतावनी मिलने के बाद भी इन गतिविधियों में बदलाव नहीं किया गया, जिसके बाद नियामक ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।

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