Onion Price Surge: प्याज की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी आम आदमी के कीचन के बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा सकते हैं। क्योंकि बारिश और कम सप्लाई की वजह से पिछले एक सप्ताह के दौरान प्याज की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। खुदरा बाजार में प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।
ऐसे में त्योहारी सीजन में तेजी से बढ़ते प्याज के दाम आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। हालांकि, प्याज की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकार अगले हफ्ते तक बफर स्टॉक से प्याज बेचना शुरू कर सकती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में प्याज की खुदरा कीमतें बढ़कर 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। लासलगांव में प्याज की औसत कीमत 3,360 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई, जबकि अधिकतम 3,641 रुपये और न्यूनतम दाम 1,000 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। होलसेल मार्केट में अचानक कीमतें बढ़ने का असर खुदरा बाजार में भी देखने को मिली। खुदरा कारोबारियों के मुताबिक, मंड़ी में प्याज महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही बारिश के कारण प्याज खराब भी ज्यादा हो रही है। यह वजह है कि प्याज महंगा बिक रहा है।
देश में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार अगले सप्ताह से बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री शुरू कर सकती है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस साल सरकार के पास बफर स्टॉक कम है। नैफेड और एनसीसीएफ के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों में प्याजा जा सकता है। सरकार इस साल सिर्फ 15,000 टन प्याज ही खरीद पाई है, जबकि लक्ष्य 2 लाख टन खरीदने का था।
प्याज के थोक व्यापारियों का कहना है कि इन दिनों प्याज की सप्लाई बहुत कम है। तेज बारिश के कारण ज्यादा मात्रा में प्याज बर्बाद भी हो रहे हैं। वहीं, देश में त्योहारी सीजन की शुरआत होने के साथ ही बाजार में प्याज की मांग में बढ़ोतरी हुई है। जून के बाद से लगातार प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सरकार महीने के अंत तक बफर स्टॉक बाजार में उतारने की तैयारी में है जो करीब डेढ़ महीने की मांग पूरी कर देगी।
इसके बाद सितंबर में महीन में खरीफ वाली प्याज की नई फसलें बाजार में आने लगेंगी, जिसके बाद सप्लाई बढ़ जाएगी। उस दौरान कीमतों में कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है।