नेशनल पेंशन स्कीम (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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NPS New Rules: सरकार ने पेंशन नियमों में किया बड़ा बदलाव, कर्मचारियों को मिले दो नए निवेश विकल्प

NPS New Rules: केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम में बड़ा बदलाव किया है। अब सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज के कर्मचारियों को भी निवेश के दो नए विकल्प LC-75 और BLC फंड में पैसा लगाने का मौका मिलेगा।

प्रिया सिंह

NPS New Rules Government Makes Big Changes In Pension Investment Options: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पेंशन नियमों में एक बहुत बड़ा और अहम बदलाव कर दिया है। सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम के तहत आने वाली सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज के कर्मचारियों को निवेश के दो अतिरिक्त विकल्प दिए हैं। इन दोनों नए विकल्पों में 'एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड' और 'बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड' को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इससे पहले निवेश के ये अतिरिक्त विकल्प केवल एनपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध थे।

अब ये दोनों नए निवेश विकल्प सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज़ में काम करने वाले एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए भी बढ़ा दिए गए हैं। इस बड़े और महत्वपूर्ण विस्तार के साथ ही पात्र कर्मचारियों के पास अब निवेश के दोनों अतिरिक्त विकल्पों को चुनने का मौका होगा। इन विकल्पों का मुख्य उद्देश्य सब्सक्राइबर्स को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देना है ताकि वे अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग सही तरीके से कर सकें। वे अपने व्यक्तिगत जोखिम लेने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से अपने पेंशन निवेश को अब बहुत ही आसानी से ढाल सकेंगे।

LC-75 फंड की क्या है खासियत?

'एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड' जिसे अब नया नाम 'LC-75-High' दिया गया है, एक बहुत ही खास और शानदार निवेश विकल्प है। इस बेहतरीन फंड में इक्विटी एक्सपोजर की सीमा अधिकतम 75 प्रतिशत तक तय की गई है जिससे निवेशकों को फायदा होगा। इसे विशेष तौर पर उन सब्सक्राइबर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो लंबे समय में ज्यादा ग्रोथ की भारी संभावना चाहते हैं। जो कर्मचारी शेयर बाजार में ज्यादा जोखिम उठाकर अपना मुनाफा बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए यह फंड काफी बेहतरीन है।

BLC फंड निवेशकों के लिए कैसे फायदेमंद?

'बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड' जिसे पहले इस्तेमाल किया जाता था, अब उसे 'एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड' का नया नाम दिया गया है। यह एक ऐसा सुरक्षित निवेश विकल्प है जिसमें इक्विटी एक्सपोज़र की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत तक ही सीमित रखी गई है। इसमें 45 साल की उम्र से इक्विटी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम की जाती है जिससे ग्रोथ और स्थिरता के बीच संतुलन मिलता है। यह उन कर्मचारियों के लिए अच्छा है जो बढ़ती उम्र के साथ अपने निवेश पर ज्यादा जोखिम बिल्कुल भी नहीं उठाना चाहते हैं।

वित्त मंत्रालय ने जारी किया मेमोरैंडम

वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर ने 1 जुलाई 2026 को एक नया ऑफिस मेमोरैंडम जारी किया है। इसके जरिए डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की 13 नवंबर 2025 की उस पुरानी नोटिफिकेशन को ऑटोनॉमस बॉडीज पर लागू किया गया है। इसी नोटिफिकेशन में एनपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए निवेश के अतिरिक्त विकल्प पहली बार पेश किए गए थे। अब इसी नियम को सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज के लिए भी पूरी तरह से और आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

प्रशासनिक विभागों को दिए गए निर्देश

ये दोनों नए विकल्प सब्सक्राइबर की पसंद को और मजबूत करते हैं और नेशनल पेंशन सिस्टम को काफी ज्यादा आकर्षक बनाते हैं। वित्त मंत्रालय ने सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने अंतर्गत आने वाले निकायों को इस बारे में जानकारी दें।

उन्हें सलाह दी गई है कि वे पात्र एनपीएस सब्सक्राइबर्स के बीच इस नई जानकारी का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार तेजी से करें। इससे सभी योग्य कर्मचारी समय पर इस शानदार सुविधा का पूरा लाभ उठा सकेंगे और अपना भविष्य अच्छी तरह से सुरक्षित कर पाएंगे।

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