बैंकों की दादागिरी खत्म! रिजर्व बैंक ने बदला पेंशन से जुड़ा ये नियम, अब हर कटौती से पहले मिलेगी जानकारी

RBI New Guidelines: भारतीय रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब देश का कोई भी बैंक किसी सरकारी पेंशनभोगी के बैंक खाते से ज्यादा किए गए भुगतान की बिना किसी सूचना रिकवरी नहीं कर सकता है।
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भारतीय रिजर्व बैंक, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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RBI New Rule For Pensioners: भारतीय रिजर्व बैंक ने सीनियर सिटीजन को बड़ी राहत देते हुए पेंशन से जुड़े नियम में एक अहम बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत बैंक अब बिना किसी पूर्व नोटिस के वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन अकाउंट से पैसे नहीं काट सकते हैं। अक्सर ऐसा होता है कि बैंक किसी टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण पेंशनभोगियों के बैंक खाते में ज्यादा पैसा भेज देते हैं।

फिर पेंशनर्स को बिना जानकारी दिए उनके खाते से एक साथ बड़ा अमाउंट काट लिया जाता है। बैंकों के इस कदम से सीनियर सिटीजन को अपनी भविष्य की योजना बनाने में मुश्किलें आती हैं। इसी समस्या को देखते हुए RBI ने यह कदम उठाया है।

RBI की नई गाइडलाइन क्या है?

भारतीय रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब देश का कोई भी बैंक किसी सरकारी पेंशनभोगी के बैंक खाते से ज्यादा किए गए भुगतान की बिना किसी सूचना रिकवरी नहीं कर सकता है। अगर बैंक को यह लगताहै कि उसने किसी पेंशनभोगी को पेंशन के पैसे से ज्यादा ट्रांसफर कर दिए हैं, तो उस बैंक को रिकवरी करने से पहले एडवांस में नोटिस देना होगा। आरबीआई की नई गाइडलान से यह साफ होता है कि पेंशन के मामले में बैंकों को अपने सिस्टम को अपग्रेड करना होगा।

बैंक को देनी होगी पूरी जानकारी

भारतीय रिजर्व बैंक की नई गाइडलान के तहत केवल नोटिस ही पर्याप्त नहीं है, बैंकों को यह भी जानकारी साझा करनी होगी की पेंशन के पैसे से अतिरिक्त पैसे कब और किस समय भुगतान हुआ। इसके साथ ही बैंक को पेंशनभोगियों को पूरी कैलकुलेशन शीट के बारे में भी जानकारी देनी होगी, जिससे ये साबित होगा कि जो बैंक कह रहा है वो सही है। पेंशनर्स को इस बात की भी जानकारी देनी होगी की रिकवरी को लेकर बैंक का क्या प्लान है। जिसमें इस बात का पूरा विवरण हो की कि कब और कितने महीने में ज्यादा हुए भुगतान की रिकवरी की जाएगी, जिससे वरिष्ठ नागिरकों को अकाउंट मैनेज करने में आसानी होगी।

सीनियर सिटीजन को बड़ी राहत

अक्सर ऐसा देखा गया है कि पेंशनर्स को उनके बैंक अकाउंट से कटे हुए पैसे के बारे में कोई जानकारी नहीं हो पाती थी। जब वह पासबुक अपडेट कराते हैं तब उन्हें पता चलता है कि उस अवधी में बैंक ने एक साथ पैसा काट लिया था। ऐसे में आरबीआई के इस फैसले से ना सिर्फ बैंकों की मनमानी पर ब्रेक लगेगा, बल्कि देश के वरिष्ठ नागरिक बैंकों से मिली जानकारी को देखते हुए क्रॉस चेक भी कर पाएंगे।

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