Tata Sons Chairman N Chandrasekaran Net Worth: देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी घरानों में से एक टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है। Tata Sons के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में अगले पांच वर्षों के लिए दोबारा जिम्मेदारी सौंपने के फैसले पर मुहर लगा दी है। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होने वाला था, लेकिन इस बड़े फैसले के बाद वह अब फरवरी 2032 तक समूह का नेतृत्व करते रहेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि एन. चंद्रशेखरन ने अगस्त 2026 में अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद इस पद की दौड़ में खुद को दोबारा शामिल न करने की बात कही थी। हालांकि, टाटा संस के बोर्ड ने उनके पिछले शानदार काम और रणनीतिक फैसलों को देखते हुए उन पर एक बार फिर गहरा भरोसा जताया है। इस फैसले से साफ हो गया है कि टाटा ग्रुप के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स और भविष्य की दिशा की कमान उन्हीं के मजबूत हाथों में रहेगी।
नटराजन चंद्रशेखरन ने साल 2017 में पहली बार Tata Sons के चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। टाटा संस के शीर्ष पद पर पहुंचने से पहले उनका एक लंबा और बेहद सफल करियर देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़ा रहा है। वह टीसीएस के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने सेमीकंडक्टर, एयरलाइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर में आक्रामक विस्तार किया है।
एन. चंद्रशेखरन की कमाई को लेकर हमेशा से ही कॉरपोरेट जगत में काफी चर्चा होती रही है। Tata Sons की FY26 की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उन्हें कुल 158.66 करोड़ रुपये का पैकेज मिला था। इस पैकेज में लगभग 17.97 करोड़ रुपये फिक्स्ड सैलरी और भत्तों के तौर पर दिए गए, जबकि 140.69 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा Profit-Linked Commission के रूप में मिला। इससे पहले FY25 में भी उनका कुल पैकेज 155.81 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
अगर पिछले पांच वित्त वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो कहा जा सकता है कि टाटा संस से चंद्रशेखरन की कुल कमाई करीब 685 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसमें अलग-अलग सालों का बेसिक वेतन, विभिन्न प्रकार के अलाउंस और परफॉर्मेंस के आधार पर मिलने वाला भारी-भरकम कमीशन शामिल है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह टाटा संस से मिला उनका कुल पैकेज है, जिसे उनकी निजी संपत्ति या नेटवर्थ नहीं माना जा सकता।
अक्सर लोग उनके सालाना पैकेज और नेटवर्थ को एक ही मान लेते हैं, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। एन. चंद्रशेखरन की आधिकारिक और व्यक्तिगत Net Worth सार्वजनिक तौर पर घोषित नहीं है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनकी नेटवर्थ को लेकर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन वे सब अनुमानित आंकड़े हैं। उनकी संपत्ति का आंकलन टाटा ग्रुप से मिलने वाले सालों के पारिश्रमिक, निजी निवेश और उनके पास मौजूद शेयरों के आधार पर ही लगाया जाता है।
एन चंद्रशेखरन के पूरे पैकेज की सबसे खास बात यह है कि उनकी कमाई का ज्यादातर हिस्सा निश्चित सैलरी पर निर्भर न होकर कंपनी के मुनाफे और परफॉर्मेंस से जुड़े कमीशन पर आधारित होता है। वित्त वर्ष 2026 में मिला 140.69 करोड़ रुपये का कमीशन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। यानी कंपनी जितना बेहतर प्रदर्शन करेगी, उनका पैकेज भी उसी अनुपात में बढ़ेगा।
चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति सिर्फ एक पद का विस्तार भर नहीं है, बल्कि टाटा समूह के डिजिटल और ग्लोबल ट्रांजिशन को गति देने की दिशा में उठाया गया कदम है। आने वाले पांच वर्षों में टाटा संस की लिस्टिंग, सेमीकंडक्टर प्लांट्स की स्थापना, एयर इंडिया का पूरी तरह कायाकल्प और नए दौर के बिजनेस मॉडल को स्थापित करने की बड़ी चुनौतियां उनके सामने होंगी, जिन्हें वह अपने पिछले अनुभवों के बल पर आगे बढ़ाएंगे।