एन चंद्रशेखरन फिर बने टाटा संस के चेयरमैन, बोर्ड ने 5 साल के नए कार्यकाल पर लगाई मुहर

Tata Sons Chairman News: टाटा संस के बोर्ड ने मुंबई बैठक में एन चंद्रशेखरन को फिर से 5 साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है। जानिए टाटा ग्रुप के शीर्ष तक पहुंचे चंद्रशेखरन का पूरा सफरनामा।
N Chandrasekaran Reappointed Tata Sons Chairman
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरनसोर्स: सोशल मीडिया
Published on
Updated on

N Chandrasekaran Tata Sons Chairman: देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यावसायिक घरानों में से एक टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुंबई में आयोजित हुई बोर्ड बैठक में एन चंद्रशेखरन को अगले 5 साल के लिए फिर से कंपनी का एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त करने को हरी झंडी दे दी गई है। इस फैसले के बाद चंद्रशेखरन अगले पांच वर्षों तक टाटा समूह की कमान संभालते रहेंगे।

अचानक बदले फैसले ने सबको चौंकाया था

टाटा संस के इस फैसले ने कॉरपोरेट जगत में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि पिछले महीने ही चंद्रशेखरन द्वारा दोबारा नियुक्ति न लेने का मन बनाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अब उन्होंने अपना रुख बदल लिया है और बोर्ड ने उनके कार्यकाल विस्तार को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अचानक हुए इस फैसले और रुख में बदलाव की वजहें तुरंत पूरी तरह साफ नहीं हो पाई हैं।

1987 में TCS इंटर्न से शुरू हुआ था सफर

एन चंद्रशेखरन का टाटा समूह के साथ जुड़ाव बेहद खास और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत वर्ष 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में एक मामूली इंटर्न के रूप में की थी। अपनी मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शी सोच के बल पर वे लगातार आगे बढ़ते चले गए। इसके बाद वर्ष 2017 में उन्हें पहली बार टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

9 सालों के कार्यकाल में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2017 में कमान संभालने के बाद चंद्रशेखरन के 9 साल के नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने अभूतपूर्व तरक्की की और अपने कारोबार का दायरा काफी बढ़ाया है। उन्होंने परंपरागत व्यवसायों से आगे बढ़कर टाटा समूह को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे आधुनिक व भविष्य के नए क्षेत्रों में मजबूती से उतारा है।

रेवेन्यू और कंपनी के मुनाफे में हुई कई गुना बढ़ोतरी

चंद्रशेखरन के कार्यकाल के दौरान टाटा ग्रुप के वित्तीय आंकड़ों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2020 में जहां टाटा समूह का कुल रेवेन्यू 7.89 लाख करोड़ रुपए दर्ज किया गया था, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। इसी तरह ग्रुप का कुल मुनाफा 32,000 करोड़ से बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

मार्केट कैप 24 लाख करोड़ के पार

वित्तीय आंकड़ों के साथ-साथ शेयर बाजार में भी टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों ने चंद्रशेखरन के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 2020 में टाटा समूह की शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 9.31 लाख करोड़ रुपए था। चंद्रशेखरन के कुशल मार्गदर्शन में यह वर्ष 2026 में बढ़कर 24.39 लाख करोड़ रुपए के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

N Chandrasekaran Reappointed Tata Sons Chairman
40 पैसे देने से मर नहीं जाओगे… UPI चार्ज पर बोले नीति आयोग के VC अशोक लाहिड़ी, बिना टैक्स के नहीं चलती सरकार

टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स का अंतर जानिए

आम लोगों को टाटा के इस विशाल साम्राज्य का ढांचा समझने के लिए इसके तीन मुख्य अंगों के अंतर को जानना बेहद जरूरी है। सबसे पहले 'टाटा ग्रुप' है, जो टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और एअर इंडिया जैसी विभिन्न कंपनियों और व्यापारों को मिलाकर बनता है। वहीं 'टाटा संस' मुख्य होल्डिंग कंपनी है, जो ग्रुप की इन बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है और बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।

टाटा ट्रस्ट्स की है 66% हिस्सेदारी

इस पूरे तंत्र में 'टाटा ट्रस्ट्स' की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। टाटा ट्रस्ट्स सामाजिक और परोपकारी कार्य करने वाले ट्रस्टों का एक समूह है। इस ट्रस्ट के पास मुख्य कंपनी टाटा संस की लगभग 66% हिस्सेदारी मौजूद है। मुंबई में आयोजित हुई बोर्ड बैठक के बाद मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से एन चंद्रशेखरन के अगले 5 साल के कार्यकाल विस्तार की पुष्टि कर दी गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com