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सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद जरूरी, UPS या NPS पर लेना होगा फैसला; इस तारीख के बाद मौका नहीं

NPS vs UPS: यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) भारत सरकार द्वारा 2024 में पेश की गई एक नई पेंशन व्यवस्था है, जिसका मकसद कर्मचारियों को स्थायी और बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

मनोज आर्या

केंद्र सरकार ने अपने उन कर्मचारियों के लिए वन टाइम, वन-वे स्विच की सुविधा की है, जो यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में वापस लौटना चाहते हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बयान में कहा कि पात्रा कर्मचारियों और एनपीएस के तहत सेवानिवृत हुए कर्मचारी 30 सितंबर, 2025 तक यूपीएस से एनपीएस चुन सकते हैं। यह सुविधा केवल एक बार मिलेगी और इसेक बाद वापस दोबारा यूपीएस में लौटना संभव नहीं होगा।

मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी एनपीएस में ही बने हुए हैं, वे 30 सितंबर के बाद यूपीएस का ऑप्शन नहीं चुन सकते। मंत्रालय ने यूपीएस और एनपीएस में स्विच करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं।

किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ

ये शर्तें हैं- पात्र कर्मचारी केवल एक बार एनपीएस में स्विच कर सकते हैं और वापस यूपीएस में स्विच नहीं कर सकते। कर्मचारी को यह विकल्प रिटायरमेंट से कम से कम एक साल पहले या स्वैच्छिक सेवानिवृत (VRS) से कम से कम तीन महीने पहले चुनना होगा। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है, वे इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकेंगे।

Unified Pension Scheme क्या है?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) भारत सरकार द्वारा 2024 में पेश की गई एक नई पेंशन व्यवस्था है, जिसका मकसद कर्मचारियों को स्थायी और बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह स्कीम ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) और न्यू पेंशन स्कीम (NPS) की विशेषताओं को मिलाकर बनाई गई है। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मिनिमम 50 प्रतिशत वेतन (पेंशन) की गारंटी मिलेगी। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों का अंशदान  शामिल होगा, जिससे फंड मजबूत रहेगा। साथ ही, महंगाई भत्ता (DA) भी पेंशन में जोड़ा जाएगा ताकि बढ़ती महंगाई से पेंशनधारकों को राहत मिल सके।

UPS चुनने के लिए कौन पात्र?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) मुख्य रूप से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू की गई है, जो पहले नई पेंशन स्कीम (NPS) के दायरे में आते थे। यानी 1 जनवरी, 2004 के बाद ज्वॉइन करने वाले सरकारी कर्मचारी, जिन्हें अब तक OPS का लाभ नहीं मिल रहा था, वे UPS के पात्र होंगे। इसमें नियमित सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, पुलिस, प्रशासनिक सेवाओं और अन्य विभागों में कार्यरत कार्मिक शामिल हैं। कॉन्ट्रैक्ट या अस्थायी कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होंगे।

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UPS के तहत मिनिमम गारंटी पेमेंट क्या है?

यूनिफाइड पेमेंट स्कीम (UPS) के तहत मासिक न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपये है। स्कीम के तहत कर्मचारी को उसकी सर्विस की टाइम के आधार पर पेंशन दी जाएगी। अगर किसी कर्मचारी ने 3 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी करता है, तो उसे अंतिम 12 महीनों के औसत बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। वहीं, 10 से 25 साल तक सेवा करने वालों के लिए पेंशन की राशि सेवा के वर्षों के अनुपात में तय की जाएगी।

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