सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gold-Silver Rate: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, ₹1,600 सस्ता हुआ गोल्ड, सिल्वर भी ₹3,500 तक लुढ़की

Gold-Silver Prices Drop: वैश्विक दबाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते भारत में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

अक्षय साहू

Gold-Silver Rate Today 2 Sept 2026: भारत में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव 1% से ज्यादा गिर गया और यह करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी की कीमत भी करीब 1.4% टूटकर ₹2.32 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई।

MCX पर सोने की कीमत करीब ₹1,639 यानी 1% से ज्यादा गिरकर ₹1,50,090 प्रति 10 ग्राम रही। कारोबार के दौरान सोने ने ₹1,49,665 प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर भी छुआ। बाजार में सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की मांग कमजोर पड़ने का असर सोने की कीमतों पर पड़ा। दूसरी ओर, चांदी की कीमत करीब ₹3,500 या 1.44% गिरकर ₹2.32 लाख प्रति किलो से नीचे आ गई। कारोबार के दौरान MCX पर चांदी ₹2,31,811 प्रति किलो के इंट्राडे लो तक पहुंची।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड करीब 1% गिरकर $4,300 प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर करीब $63 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे थे। कीमती धातुओं में यह लगातार चौथी गिरावट है। इसके चलते दोनों धातुएं करीब तीन हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से भी बुलियन पर दबाव बढ़ा है। बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस महीने ब्याज दर बढ़ा सकता है। फिलहाल बाजार इस संभावना को करीब 70% मान रहा है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड तेज बढ़ोतरी

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। बुधवार सुबह 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.8% हो गई, जो अक्टूबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, 30 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.28% तक पहुंच गई। अब निवेशकों की नजर अमेरिका की ADP रोजगार रिपोर्ट पर है। इसके अलावा शुक्रवार को जारी होने वाली नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट से भी फेड की अगली नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। WTI क्रूड करीब $91 और ब्रेंट क्रूड लगभग $96 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई का दबाव और बढ़ा सकती हैं, जिससे सोने और चांदी पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है।

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