Gold And Silver Rate: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी आज सोमवार, 28 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का भाव 4,065 रुपये घटकर 1.48 लाख रुपये पर आ गई। वहीं, चांदी 9,158 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 2.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है।
गणेश चतुर्थी के साथ देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। वहीं, अभी दशहरा पूजा और दिवाली जैसे त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों के दौरान लोग सोने और चांदी की जमकर खरीदारी करते हैं। ऐसे में सवाल है कि गोल्ड और सिल्वर की खरीदारी का सही समय कब है। आइए जानते हैं।
सितंबर महीने में अब तक 28 दिनों में सोने की कीमतों में 8 हजार रुपये की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। वहीं, चांदी की बात करें, तो इसमें 14 हजार रुपये की गिरावट आई है। 31 अगस्त को गोल्ड का भाव 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। हालांकि, अब यह 1.48 लाख रुपये हो चुका है। इसी तरह से 1 किलो चांदी का प्राइस 2.37 लाख रुपये से घटकर 2.23 लाख रुपये पर कारोबार कर रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल गोल्ड और सिल्वर के भाव में उतार-चढ़ा का सिलसिला जारी रह सकता है।
अमेरिका के केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने 3 साल में पहली बार ब्याज दरों में इजाफा किया है। इसी वजह से सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है।
मीडिल ईस्ट में अमेरिकी और ईरान के बीच जारी युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने को सपोर्ट मिल सकता है। निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से गोल्ड में पैसे लगा सकते हैं।
निवेशकों को अलर्ट रहना होगा, क्योंकि मार्केट में अब भी कमजोरी के संकेत नजर आ रहे हैं। किसी भी बड़ी गिरावट पर खरीदारी का मौका बन सकता है।
पिछले साल के दौरान गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली है। सोने की कीमतों में अब तक 75 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रिकॉर्ड की गई है। हाल के महीने में भी ग्लोबल टेंशन और सेफ इन्वेस्टेमेंट की डिमांड के बीच सोने को समर्थन मिला है।
बिजनेस स्टैंडर्ड ने PL कैपिटल के कमोडिटीज हेड आशीष राजोदिया के हवाले से लिखा कि आमतौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन के दौरान कच्चा तेल महंगा होने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ती है।
लेकिन इस बार ऊंची तेल कीमतों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें और बढ़ाने की आशंका मजबूत हो रही है। इससे डॉलर और बॉन्ड यील्ड को मजबूती मिल रही है। ये दोनों ही बिना ब्याज देने वाले सोने की कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं।