Gold Demand Trend In India: लगातार महंगे हो रहे सोने का असर अब गहने की खरीद पर भी देखने को मिलने लगा है। देश में सोने की मांग सालाना आधार पर 6 प्रतिशत घटकर 131.4 टन रह गई है। पिछले साल इसी अवधी के दौरान यह मांग 139.7 टन रही थी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ओर से गुरुवार को जारी अप्रैल-जून तिमाही रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई। काउंसिल ने पूरे साल के लिए भारत में सोने की मांग 650 टन से 750 टन रहने का अनुमान लगाया है।
दूसरी तरफ, गोल्ड की ग्लोबल डिमांड भी स्थिर रही। दुनियाभर में सोने की कुल मांग 1, 269 टन रिकॉर्ड किया गया। 2025 के इसी अवधी के दौरान यह मांग 1,268.6 टन रही थी। सोने के गहने की खरीदारी में कमी आई है, जबकि सिक्कों और ईटीएफ में निवेशकों का मजबूत आकर्षण देखने को मिला।
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, आज 31 जुलाई के सोने के भाव को देखें तो यह अपने ऑलटाइम हाई से 26 प्रतिशत नीचे आ चुका है। इस लेवल पर भी सोने का भाव मार्च, 2023 के (60,000 रुपये) के मुकाबले ढाई गुना है। इंपोर्ट भी पहले मुकाबले महंगा हुआ है। ऐसे में सोने की मांग पर असर होना ही था। दिवाली तक सोने का भाव 1.55 लाख रुपये से 1.60 लाख रुपये तक रहने का अनुमान है।
देश में भले ही सोने के गहने की खरीदारी में नरमी आई है। लेकिन बढ़ते भाव के कारण कुल खर्च में तेज बढ़ोतरी हुई है। देश के लोगों ने सोने की खरीदारी पर 1,98,100 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पिछले साल इस अवधी के दौरान सोने की खरीदारी पर ग्राहकों ने कुल 1,32,500 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
यह भी पढ़ें: Gold-Silver Rate Today: MCX पर उथल-पुथल! सोना हुआ महंगा तो चांदी के दाम टूटे, जानें अपने शहर का ताजा भाव
साल की दूसरी छमाही में त्योहारों और शादी के सीजन से सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन, कीमतों में तेजी खरीदारी के तरीके पर असर डाल सकते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि भारतीय ग्राहकों ने हमेशा ही परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढ़ालने की क्षमता दिखाई है।