CBIC ने ई-कॉमर्स डिलीवरी पर 5% GST लगाने के वायरल दावे पर सफाई दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिज़नेस

ई-कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं पर 5% GST लगाने का दावा फर्जी, CBIC ने लेकर वायरल पोस्ट का किया खंडन

CBIC Fake GST News: CBIC ने ई-कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने के वायरल दावे को फर्जी बताया। एजेंसी के मुताबिक, यह नया टैक्स नहीं, बल्कि मौजूदा दर में कटौती है।

अक्षय साहू

Highlights:

  • CBIC ने ई-कॉमर्स डिलीवरी पर 5% GST लगाने के वायरल दावे को फर्जी बताया।

  • डिलीवरी सेवाओं पर GST दर 18% से घटाकर 5% की गई है।

  • GST परिषद ने रिफंड की समयसीमा 15 दिनों से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की।

  • कर्मचारियों के हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर ITC का दायरा बढ़ाने की सिफारिश हुई।

E-Commerce Delivery GST 5 Percent: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने शनिवार को उस वायरल पोस्ट का खंडन कर दिया, जिसमें यह दावा किया गया था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ई-कॉमर्स पर 5 प्रतिशत का जीएसटी लगा दिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि डिलीवरी सेवाओं जैसे कि फूड ऐप्स द्वारा दी जाने वाली सेवाओं, पर पहले 18 प्रतिशत टैक्स लगता था।

CBIC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वायरल पोस्ट को कोट करते हुए कहा, इस पोस्ट में किया गया दावा फर्जी और तथ्यों के आधार पर गलत है। CBIC ने वायरल पोस्ट के दावे को गलत बताया जिसमें डिलीवरी सेवाओं जैसे कि फूड ऐप्स द्वारा दी जाने वाली सेवाओं, पर पहले 18 प्रतिशत टैक्स वसूल ने की बात कही गई थी। 

नया टैक्स नहीं, बल्कि दर में हुई कमी

जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में की गई सिफारिश के अनुसार, अब इन डिलीवरी सेवाओं पर टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकारी एजेंसी ने आगे कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाने वाली सभी डिलीवरी सेवाओं पर अब एक समान 5 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसलिए, कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके विपरीत टैक्स में कमी की गई है। साथ ही कहा, आपसे अनुरोध है कि गलत खबरें न फैलाएं।

वायरल पोस्ट में क्या किया गया था दावा?

वायरल पोस्ट में कहा गया था, यह दावा करने के सिर्फ 48 घंटे बाद कि सरकार ने कोई टैक्स नहीं बढ़ाया है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ई-कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है। इसके अलावा, जीएसटी परिषद की गुरुवार को हुई 57 वीं बैठक में देश में व्यापार में आसानी को बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए गए, जिसमें रिफंड प्रक्रिया को तेज करना और आईटीसी का विस्तार भी शामिल हैं।

रिफंड प्रक्रिया तेज करने की भी सिफारिश

जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में रिफंड प्रोसेस को तेज बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत अब रिफंड क्लेम को स्वीकार करने की अवधि को 15 दिनों से घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। अगर इस समय-सीमा के अंदर न तो कोई रिफंड क्लेम स्वीकार होता है और न ही इसमें किसी कमी के बारे में सूचना जारी की जाती है, तो क्लेम को स्वीकार किया हुआ माना जाएगा। 

कर्मचारियों के बीमा समेत कई मदों पर मिलेगा ITC

इसके अलावा, जीएसटी परिषद ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का भी विस्तार किया है। अब कर्मचारियों के लिए गए हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस और फैक्ट्रियों के बाहर लगाए गए टेलीकम्युनिकेशन टावर और पाइपलाइन पर आईटीसी मिलेगा। फ्री सैंपल और एक्सपायरी की वजह से राइट-ऑफ किए गए स्टॉक पर भी आईटीसी मिलेगा, बशर्ते कानून के तहत उन सामानों को नष्ट करना जरूरी हो।

आज फिर सुबह 10 बजे जंतर-मंतर लौटेगा CJP, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

Delhi CJP Protest: दिनभर बंद रही दिल्ली, 10 बजे के बाद बंद 45 मेट्रो स्टेशन बहाल; कल फिर कूच का ऐलान

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर UN ने जताई चिंता, भारत से तत्काल रिहाई की अपील

उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, चार दिनों में दूसरी बार डोली धरती

रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करेगी CJP, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन का ऐलान