

GST Council Meeting Postponed: गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी की जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक एक बार फिर टल गई है। अब यह बैठक 7 अक्टूबर की जगह 8 अक्टूबर को होगी। काउंसिल की बैठक शेड्यूल में यह दूसरा बदलाव है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि जीएसीट काउंसिल सेक्रेटेरिएट ने एक ऑफिस मेमोरेंडम में 'जरूरी हालात' का हवाला देते हुए पहले से तय तारीख 7 अक्टूबर से नए बदलाव की घोषणा की।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के मंत्रियों वाली काउंसिल अब बुधावर को GST रजिस्ट्रेशन, रिटर्न और रिफंड सिस्टम में बदलावों पर चर्चा करने के लिए बैठक करेगी।
इसके एजेंडा में जीएसीटी विवादों को सुलझाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट के फ्लो को बेहतर बनाने के मकसद से पॉलिसी सुधार भी शामिल हैं। इन उपायों का मकसद इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम का पालन करने में लगने वाले समय और लागत को कम करना है।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि काउंसिल बड़े प्रक्रिया सुधारों पर विचार कर सकती है, जिसमें जीएसटी से संबंधित अपराधों को अपराध की कैटेगरी से हटाने और जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों को हटाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले सप्लायर सहित बिजनेस के लिए कम्प्लायंस को आसान बनाने के उपायों पर भी विचार होने की उम्मीद है।
बता दें कि जीएसटी परिषद की यह बैठक पहले 12 सितंबर को होनी थी, लेकिन ब्रिक्स समिट की वजह से इसे 7 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया था। भारत ने 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सालाना समिट की मेजबानी किया था।
सेक्रेटेरिएट के मेमोरेंडम में काउंसिल की तय मीटिंग के हाल ही में टलने के पीछे के हालात के बारे में डिटेल में नहीं बताया गया।
मौजूदा सीजीएसटी अधिनियम (CGST Act) की धारा 69 के तहत, कमिश्नर को गंभीर टैक्स अपराधों जैसे फर्जी बिल तैयार करना, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करना और जानबूझकर टैक्स चोरी करने के मामलों में बिना कोर्ट के वारंट के सीधे गिरफ्तारी की शक्ति मिली हुई है।
केंद्रीय जीएसटी फॉर्मेशन के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच कर उल्लंघन के कुल 72,393 मामले दर्ज किए गए, जिनमें केंद्रीय अधिकारियों द्वारा 887 लोगों को गिरफ्तार किया गया।