CEC Gyanesh Kumar Controversy: निर्वाचन आयोग पर कथित गड़बड़ियों के आरोप के बीच आज बिहार की राजधानी पटना में राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। आरजेडी आज पटना में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदर्शन के गठबंधन के नेता भी शामिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी नेता का लोकभवन मार्च निकलेगा। इसकी शुरुआत सुबह 11 बजे सचिवालय के पास सप्तमूर्ति से होगी। मार्च के देखते हुए पटना पुलिस ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है।
महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता का मार्च बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से होते हुए लोकभवन की ओर जाएगी। यहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर SIR में कथित गड़बड़ी, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़ी अपनी बातें रखेंगे। बुधवार को बिहार के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर विपक्ष के द्वारा आक्रोश मार्च निकाला गया था।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकलने वाली इस मार्च में इंडिया गठबंधन के विधायक, एमएलसी और सीनियर नेता शामिल होंगे। इसे लोकतंत्र बचाओ मार्च का नाम दिया गया है। विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रही है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। अब इन मुद्दों को लेकर सभी सहयोगी दल एक साथ सड़क पर उतर रहे हैं।
इंडिया गठबंधन के नेताओं का कहना है कि बिहार में SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों के नाम प्रभावित हुए हैं। वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटने और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि SIR की शुरुआत बिहार से हुई थी। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही है। उनका कहना है कि विपक्ष जिस ‘वोट चोरी’ की बात लगातार उठाता रहा, अब उससे जुड़े सवाल सामने आ रहे हैं।
विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। बुधवार को आरजेडी ने पूरे बिहार में चुनाव आयोग के खिलाफ हल्ला-बोला था।
भारतीय चुनाव आयोग ने कार्यप्रणाली को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट में बहुत बड़ा खुलासा हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में SIR और चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। इन आपत्तियों में फॉर्म 6, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और वोटर लिस्ट के डेटाबेस तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे। जिसके बाद पूरे देश में विवाद शुरू हो गया है।
रिपोर्ट के आधार पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने खबर के आधार पर सीईसी को हटाने से इनकार कर दिया था।