Abhay Kushwaha Meets Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति से तेजस्वी यादव के लिए बुरी खबर सामने आई है। औरंगाबाद से राजद के लोकसभा सांसद अभय सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारे में इस मुलाकात को तेजस्वी यादव की पार्टी में टूट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, राजद सांसद ने इस मुलाकात को महज एक औपचारिक और विकासात्मक कार्यों से जुड़ा बताया है। जानकारी के अनुसार, यह मुलाकात मंगलवार को करीब 30 मिनट तक हुई थी। खबर सामने आने के बाद मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
वर्तमान में कई राज्यों के विपक्षी दलों में तोड़-फोड़ की घटना सामने आई है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी, महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट जैसे पार्टियों के बाद बिहार में इस मुलाकात को अगली कड़ी के रूप में इसे देखा जा रहा है। राजद सांसद अभय कुशवाहा लोकसभा चुनाव से पहले जदयू में थे। खबर बाहर आने के बाद सांसद अभय कुशवाहा ने ऐसी चर्चाओं को अफवाह बताया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से यह तीसरी मुलाकात है।
मुलाकात को लेकर उन्होंने बताया कि अपने लोकसभा क्षेत्र में सड़क समेत अन्य कई विकासात्मक कार्यो को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत हुई थी। इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। सांसद अभय कुशवाहा ने बताया कि वो राजनीति में आने के बाद से ही पिछड़े, दलित, वंचित और शोषितों के साथ रहे। राजद में टूट के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि राजद एकजुट है।
JDU विधायक श्याम रजक ने RJD सांसद अभय कुशवाहा के सीएम सम्राट चौधरी के मुलाकात करने पर कहा कि राज्य की समस्याओं के समाधान के लिए नेतृत्व करते हैं तो हर लोग उनसे मिलते हैं। सांसद भी मिलते हैं, आम लोग भी मिलते हैं और सांसद भी मिले होंगे, कुछ अपने क्षेत्र की समस्या के लिए। लेकिन वैसे कहा जाता है और देखा भी जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल में तूफान खड़ा हुआ है।
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राजद सांसद अभय सिंह कुशवाहा औरंगाबाद के बगल गयाजी जिले के कुजापी गांव के मुखिया भी रह चुके हैं। वे एक बड़े कारोबरी के रूप में पहचाने जाते हैं। मुख्य राजनीति में आने के बाद अभय कुशवाहा, 2015 में टिकारी से जदयू के विधायक बने। इसके बाद वो साल 2018 में जदयू में युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भी बने। साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पाला बदलकर वे राजद में शामिल हो गए औरंगाबाद से राजद पार्टी से सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे।