पीके की पहली सूची से राज्य की राजनीति में हलचल (फोटो- सोशल मीडिया) 
बिहार

पीके का चुनावी 'चक्रव्यूह': कर्पूरी की पोती और किन्नर पर दांव, NDA-INDIA दोनों गठबंधन परेशान

Bihar Assembly Election के लिए Jan Suraaj के द्वारा 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी गई है। इस लिस्ट में जिस तरह के नामों को दिया गया उनको देखर राज्य की राजनीति में खलबली मच गई है।

सौरभ शर्मा

Prashant Kishor Jan Suraaj Candidate List: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपनी जनसुराज पार्टी के 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। यह सूची सत्तारूढ़ राजग और विपक्षी महागठबंधन, दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। प्रशांत किशोर ने अपने उम्मीदवारों के चयन से यह साफ कर दिया है कि वह दोनों गठबंधनों के मूल वोट बैंक में सीधी सेंध लगाने की तैयारी में हैं। इस सूची ने बिहार के चुनावी समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है, जिससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

प्रशांत किशोर की रणनीति का सबसे बड़ा पहलू सामाजिक समीकरणों को साधना है। उन्होंने अपनी पहली सूची में लगभग 50 प्रतिशत टिकटें अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) और अगड़ा वर्ग को दी हैं। बिहार में लगभग एक तिहाई मतदाता ईबीसी समुदाय से हैं, जो पिछले कई चुनावों से राजग का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है। 25 टिकटें इस वर्ग को देकर पीके ने सीधे तौर पर भाजपा और जदयू के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, क्योंकि यह वर्ग ही राज्य में सत्ता की चाबी माना जाता है।

मुस्लिम वोटों में सेंधमारी की तैयारी

एक तरफ जहां पीके ने राजग के वोट बैंक को निशाना बनाया है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन को भी उलझन में डाल दिया है। जनसुराज ने अपनी पहली सूची में छह मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इन उम्मीदवारों को सोच-समझकर ऐसी सीटों से टिकट दिया गया है, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं, जैसे कि सिकटी, अमौर और बैसी। यह कदम सीधे तौर पर राजद के सबसे मजबूत माने जाने वाले मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले एआईएमआईएम भी सीमांचल में महागठबंधन को नुकसान पहुंचा चुकी है।

सियासत में नए चेहरे, पुराने घरानों पर भी नजर

प्रशांत किशोर ने अपनी सूची में कई चौंकाने वाले और नए चेहरों को मौका दिया है। इसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉ. जागृति ठाकुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह जैसे राजनीतिक घरानों के चेहरे शामिल हैं। वहीं, समाज के हर वर्ग को साधने की कोशिश में किन्नर समाज की प्रीति किन्नर, पांच प्रतिष्ठित डॉक्टर, एक कुलपति और भोजपुरी गायक रितेश पांडे को भी उम्मीदवार बनाया गया है। रितेश पांडे को करगहर सीट से टिकट मिला है, जहां से खुद प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की अटकलें थीं।

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