

Two MP Youths Die In Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की दर्दनाक घटना ने मध्य प्रदेश के दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस हादसे में देवास के 21 वर्षीय अर्पित जाज और कटनी के 19 वर्षीय अक्षत यादव की मौत हो गई। दोनों युवा दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे और बेहतर भविष्य के सपने लेकर राजधानी पहुंचे थे, लेकिन एक पल में उनके सपने मलबे के नीचे दब गए।
6 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे सत्य निकेतन इलाके में करीब 40 साल पुरानी एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में कई लोग मलबे में दब गए। राहत और बचाव दल ने घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन इस त्रासदी ने मध्य प्रदेश के दो होनहार छात्रों की जिंदगी छीन ली।
देवास के कैलादेवी क्षेत्र के पास जय बजरंग नगर निवासी अर्पित जाज दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम कॉलेज में बीकॉम सेकेंड ईयर का छात्र था। उसके पिता भूपेंद्र जाज देवास में ट्रैवल एजेंसी संचालित करते हैं। अर्पित रक्षाबंधन का त्योहार मनाने घर आया था और 5 सितंबर को ही वापस दिल्ली लौटा था। मां पुष्पा जाज ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। इसके बाद दो बजे उन्होंने दोबारा फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। परिवार को लगा कि लंबा सफर तय कर दिल्ली पहुंचने के बाद वह आराम कर रहा होगा। उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा एक भीषण हादसे का शिकार हो चुका है।
इस हादसे में कटनी के दुबे कॉलोनी निवासी अक्षत यादव की भी जान चली गई। 19 वर्षीय अक्षत दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीकॉम ऑनर्स का छात्र था। परिवार और पड़ोसियों के मुताबिक वह पढ़ाई में बेहद मेधावी था और परिवार का नाम रोशन करने का सपना लेकर दिल्ली गया था। राहत दल ने घंटों की मशक्कत के बाद उसे मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही कटनी में उसके घर पर मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। पड़ोसी विनय चतुर्वेदी ने बताया कि अक्षत भी रक्षाबंधन त्योहार के दौरान घर आया था और कुछ ही दिन पहले दिल्ली लौटा था। किसी ने नहीं सोचा था कि पढ़ाई के लिए गया बेटा इस तरह वापस आएगा।
देवास और कटनी, दोनों शहरों में इन युवकों की मौत की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है। एक ओर अर्पित के माता-पिता अपने बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे थे, तो दूसरी ओर अक्षत के परिवार ने उसके उज्ज्वल भविष्य के कई सपने संजो रखे थे। लेकिन सत्य निकेतन की यह त्रासदी उन सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर गई। मध्य प्रदेश के यह दोनों युवा उच्च शिक्षा हासिल कर अपने परिवारों का सहारा बनना चाहते थे। रक्षाबंधन की खुशियां मनाकर लौटे इन दो बेटों की असमय मौत ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे प्रदेश को गमगीन कर दिया है। अब दोनों परिवार अपने बच्चों की यादों के सहारे ही जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।