राहुल गांधी, पीएम मोदी (फोटो-नवभारत डिजाइन) 
बिहार

ऑपरेशन सिंदूर पर क्या सोचता है देश! जानें जनता ने मानी राहुल की बात या बरकरार है मोदी पर विश्वास

Delhi News: ऑपरेशन सिंदूर पर एक सर्वे हुआ है। इस सर्वे में जानने की कोशिश की गई कि सीजफायर और ऑपरेशन सिंदूर पर जनता क्या सोचती है।

Saurabh Pal

Survey on Operation Sindoor: देश की नजरें बिहार विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। साल के अंत में होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से बढ़ी हुई हैं। इस चुनाव पर ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम में आतंकी हमले से लेकर सीजयफायर तक मुद्दा बनाया जाएगा। इन तीनों मुद्दों पर 'INDIA' और NDA का अलग-अलग नरैटिव है। इस नरैटिव के जरिए बिहार विधानसभा चुनाव को साधने की तैयारी है। हालांकि जनता ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर पर क्या सोचती है यह स्पष्ट नहीं है। यही जानने के लिए इंडिया टूडे ने सी वोटर के साथ मिलकर सर्वे किया है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर एक्शन का प्रेशर बनाया। इसके बाद सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर आतंकियों के साथ आतंकवादियों को संरक्षण देने वालों को सबक सिखाया, लेकिन 2 दिन सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध चला और अचानक सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। सीजफायर का क्रेडिट ट्रंप लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत देने को तैयार नहीं है। पिछले महीनों से सियासत इन्ही मुद्दों को इर्द-गिर्द घूम रही है।

36% ने माना ऑपरेशन सिंदूर कमजोर या समान्य

ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर पर देश का मूड जानने के लिए सी वोटर ने सर्वे किया। सर्वे में जानने की कोशिश की गई कि पहलगाम आतंकी हमले से लेकर सीजफायर तक जनता क्या सोचती है। सत्ता या विपक्ष किसके नरैटिव पर विश्वास करती है। सर्वे में 2 लाख 6 हजार 826 लोगों को शामिल किया गया। यह सर्वे 1 जुलाई से 15 अगस्त तक किया गया। इसमें लोगों से पूछा गया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर कैसा रिस्पांस रहा? इस सवाल के जवाब में 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मजबूत रिस्पांस था। 15 प्रतिशत ने कहा सामान्य था तो वहीं 21 फीसदी ने कमजोर रिस्पांस माना है।

'ट्रंप के दबाव में हुआ सीजफायर'

वहीं दूसरे सवाल में पूछा गया कि क्या आप मानते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में सरकार ने पारदर्शिता बरती है। इस पर 54 प्रतिशत लोगों ने माना की सरकार ने पारदर्शिता बरती। वहीं 33 प्रतिशत लोगों का मानना है कि पारदर्शिता नहीं बरती गई है। इसके अलावा सीजफायर की वजह को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर 31 फीसदी लोगों ने कहा कि सीजफायर पीएम मोदी का फैसला था। वहीं 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि ट्रंप के दबाव में सीजफायर किया गया। वहीं 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर की पहल की गई। वहीं पाकिस्तान के साथ क्रिकेट के खिलाफ 69 प्रतिशत हैं। मात्र 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि क्रिकेट खेलना चाहिए।

विपक्ष और सत्ता दोनों का नरैटिव जनता के बीच पहुंचा

इसे सर्वे को देखें तो मामला 60-40 का नजर आता है। कुछ मामलों पर विपक्ष का नरैटिव हावी दिख रहा है। खास तौर पर सीजफायर के मामले पर विपक्ष की बातों पर लोग सहमत नजर आ रहे हैं। वहीं ऑपरेशन सिंदूर की सफतला पर सरकार नरैटिव अच्छा सेट हुआ है। जिसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को लगता है कि पाकिस्तान को भारत ने अच्छा सबक सिखाया है।

BRICS Summit 2026 LIVE: BRICS समिट का आगाज, पीएम मोदी बोले- हम किसी के विरुद्ध नहीं, लेकिन बदलाव जरूरी

BRICS किसी के खिलाफ नहीं, UNSC में रिफॉर्म को अब टाल नहीं सकते; PM मोदी का दुनिया को संदेश

BRICS Summit 2026: भारत पहुंचे शी जिनपिंग; PM नरेंद्र मोदी की इथियोपिया-मलेशिया के साथ बैठक

ईरान से रिश्तें न बिगाड़े प्रधानमंत्री, मोदी-पेजेशकियान मुलाकात पर बोले प्रमोद तिवारी, कहा- चीन से समझौता नहीं

BRICS Summit: शी जिनपिंग के साथ दो प्रभावशाली नेताओं की नई दिल्ली में मौजूदगी, कौन हैं काई ची और वांग यी?