Bihar me Kiski Sarkar Bani: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 246 सीटों में से 202 सीटें जीत ली हैं। इस पर विपक्षी पार्टियों और नेताओं की प्रतिक्रिया आने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में कांग्रेस नतीजों पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि बिहार के नतीजे चौंकाने वाले हैं। हम ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके, जो शुरू से निष्पक्ष नहीं था। चुनाव नतीजों के एक दिन बाद कांग्रेस ने दावा किया है कि बिहार में जो वोटर लिस्ट साफ करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) लाया गया था, उससे एनडीए को फायदा हुआ है।
केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट की है। इसमें आरोप लगाया है कि एनडीए को 202 में से 128 सीटें पूरी तरह से SIR के जरिए वोटर डिलीट होने से मिली हैं। कांग्रेस ने आगे लिखा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने डिलीट वोटर का डेटा जारी किया था। हमने उसकी तुलना हर सीट में विक्ट्री मार्जिन से की। इसका पैटर्न बिल्कुल साफ है-एसआईआर (SIR) के तहत मनमाने ढंग से वास्तविक और जीवित वोटरों को हटाया गया। एसआईआर (SIR) का मकसद बांग्लादेश, म्यांमा और नेपाल के अवैध प्रवासियों की पहचान करना और उन्हें हटाना था, लेकिन चुनाव आयोग ने जो डेटा दिया है, उसमें एक अवैध प्रवासी नहीं मिला है।
कांग्रेस का दावा है कि असली वोटरों का नाम वोटर लिस्ट से काटा गया। यह चुनाव पूरी तरह से मनगढ़ंत कराया गया। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा, असल में एसआईआर (SIR) के नाम पर गरीब और कमजोर वोटरों को हटाने का व्यापक अभियान चलाया गया। उन्हें वोटर लिस्ट से हटाने के बाद जो बचे थे, उन्हें वोट डालने से रोका गया और फिर पूरी तरह से मनगढ़ंत चुनाव कराया गया।
पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह आपके लिए लोकतंत्र की जननी है। हम अभी इस खेल को नहीं समझेंगे तो भाजपा चुपचाप हम में से हर एक को लिस्ट से हटा देगी। हमारी जगह नकली ब्राजीलियाई लोगों को शामिल कर लेगी जो वोट डालेंगे और इस तरह से बीजेपी हमेशा से चुनाव जीतती रहेगी।
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कांग्रेस ने इस पोस्ट में एसआईआर (SIR) से डिलीट वोटरों की संख्या और विक्ट्री मार्जिन की तुलना की है। पार्टी ने दावा किया है कि उदाहरण के लिए- मोतिहारी सीट पर 54,013 वोटर डिलीट हुए। इस सीट पर बीजेपी ने 13,563 वोटों से जीती है। गोपालगंज पर 66,270 वोटर डिलीट किए गए, जहां 28,972 वोट से बीजेपी जीती। कांग्रेस ने दावा किया कि असली और जीवित वोटरों के नाम लिस्ट से डिलीट कर दिए गए। इन्हें वोट देने को मिलता तो नतीजा कुछ और हो सकता था।