Bankipur Assembly By Election 2026: पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। बीजेपी-राजद और जनसुराज के बीच यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। तीनों पार्टियों के उम्मीदवार पूरी दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। हालांकि, नामांकन से ठीक पहले बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। फिर बांकीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को दोबारा उम्मीदवार बनाया गया।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बांकीपुर से 5 बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी और अब यहां उपचुनाव हो रहा है। पटना का बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी के साथ-साथ राजद और जनसुराज के लिए भी काफी अहम है। एक तरफ इसे बीजेपी का अभेद्द किला बताया जाता है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पहली बार इस सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं, राजद इस सीट पर कभी भी चुनाव नहीं जीती है।
बांकीपुर पहले पटना पश्चिम विधानसभा सीट के अंदर आता था। नितिन नबीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा साल 1995 में पहली बार यहां से चुनाव जीते थे। इसके बाद साल 2005 तक वह यहां से चुनाव जीतते रहे। हालांकि, 2005 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद नवीन किशोर सिन्हा का निधन हो गया। इसके बाद साल 2026 में हुए उपचुनाव में नितिन नबीन ने यहां से चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2008 में परिसीमन के बाद ये पटना पश्चिम विधानसभा बांकीपुर के नाम से अस्तित्व में आया। 2026 से लेकर 2025 में हुए विधानसभा चुनावों तक नितिन नबीन बांकीपुर सीट से जीतते रहे हैं। हालांकि, राज्यसभा जाने के बाद उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया था।
बांकीपुर विधानसभा का जातीय समीकरण देखें तो इस सीट पर कुल 3 लाख 79 हजार मतदाता हैं। आमतौर पर यह सीट कायस्थ प्रभाव वाला माना जाता है। बांकीपुर में सबसे ज्यादा कायस्थ वोटर करीब 15 प्रतिशत हैं। इसके बाद यादव- 12 प्रतिशत, मुस्लिम- 10 प्रतिशत, चंद्रवंशी- 9 प्रतिशत, वैश्य- 9- प्रतिशत, दलित 8 प्रतिशत, भूमिहार- 7 प्रतिशत, ब्राह्मण- 7 प्रतिशत, राजपूत- 5 प्रतिशत, कुर्मी- 5 प्रतिशत और कुशवाहा- 3 प्रतिशत आते हैं। इस सीट पर कायस्थ वोटर्स निर्णायक माने जाते हैं जो कि पारंपरिक तौर पर भाजपा के कोर वोटर माने जाते हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में अहम सवाल यह है कि क्या 15 प्रतिशत कायस्थ वोटर प्रशांत किशोर का साथ देंगे? राजनीति जानकारों का ऐसा मानना है कि इस क्षेत्र के कायस्थ वोटर बीजेपी के पारंपरिक वोटर हैं। सबसे अहम बात यह है कि भाजपा ने इस जाति के वोटरों का ख्याल रखते हुए कायस्थ जाति के नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में कायस्थ वोटर प्रशांत किशोर की जगह नीरज कुमार को समर्थन दे सकते हैं, जो कि चुनावी नतीजे बदलने में काफी अहम भूमिका निभा सकता है।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान बांकीपुर विधानसभा सीट से नितिन नबीन ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में उन्हें 98,299 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर राजद की रेखा गुप्ता रही थीं जिन्हें 46,363 वोट मिले थे। चुनाव में तीसरे नंबर पर जनसुराज की प्रत्याशी वंदना कुमारी थीं जिन्हें 7,717 वोट मिले थे। बता दें कि बांकीपुर में बीते कुछ चुनाव से वोटिंग प्रतिशत काफी कम देखा गया है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में यहां करीब 41 फीसदी वोट डाले गए थे। 2020 में यहां करीब 36 फीसदी और 2015 में करीब 40 फीसदी वोटिंग हुई थी।