

Veena Manvi Nomination Canceled: पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। प्रत्याशियों के नामांकन के दिन काफी तनाव भी देखने को मिला था। इसी बीच मंगलवार को खबर आई की तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया है, अब वह बांकीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं होंगी। वीणा मानवी समेत कुल 13 उम्मीदवारों का नामांकन अलग-अलग कारणों से रद्द हो चुका है। हालांकि, वीणा मानवी का नामांकन क्यों रद्द हुआ इसकी वजह सामने आ गया है।
बांकीपुर उपचुनाव के लिए भरे गए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें छह निर्दलीय समेत कुल 13 उम्मीदवारों के पर्चे रद्द कर दिए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम तेज प्रताप यादव की उम्मीदवार वीणा मानवी का है, जिनका नामांकन सिर्फ एक हस्ताक्षर की कमी के कारण खारिज कर दिया गया।
निर्वाचन नियमों के मुताबिक किसी भी प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं, लेकिन वीणा मानवी के पर्चे में केवल 9 ही हस्ताक्षर पाए गए। इस तकनीकी त्रुटि के अलावा अन्य आठ प्रत्याशियों के आवेदन भी नियमों के अनुरूप न होने पर खारिज किए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार नामांकन पत्रों में अधूरी या गलत जानकारी देने, तथ्यों को छिपाने और तय मानकों को पूरा नहीं करने की वजह से यह सख्त कदम उठाया गया है।
अपने प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने की सूचना मिलने पर तेज प्रताप यादव भड़क गए। समाहरणालय में घंटों बैठने के बाद तेज प्रताप बाहर निकल आए और बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार JJD की प्रत्याशी के साथ साजिश कर रही है। इस मामले में वह अदालत जाएंगे। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को एक दिन पहले सोमवार को ही नामांकन पत्र दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पटना कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल करने के बाद पुलिस की कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया।
तेजप्रताप यादव ने कल ही बिहार सरकार का घेराव करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि हमारे उम्मीदवार के खिलाफ साजिश रची जा रही है। हमारे उम्मीदवार को जानबूझकर फंसाया गया है। हमारी उम्मीदवार बहुत अच्छी हैं, उनकी लोकप्रियता भी है। षड्यंत्र करने वाले ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेंगे। बिहार सरकार का घेराव करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।