EV Battery Technology: दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन चीन की हालिया सख्त नीति ने इस ग्रोथ को झटका दे दिया है। चीन ने अब EV बैटरी निर्माण और लिथियम प्रोसेसिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह फैसला भारत, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों के EV उत्पादन पर सीधा असर डाल सकता है। “अब ये तकनीकें सिर्फ सरकार से लाइसेंस मिलने के बाद ही एक्सपोर्ट की जा सकेंगी।” – चीन के वाणिज्य मंत्रालय का बयान
चीन की नई रोक का सीधा असर Lithium Iron Phosphate (LFP) बैटरी टेक्नोलॉजी पर है। ये बैटरियां कम लागत वाली, जल्दी चार्ज होने वाली और सुरक्षित मानी जाती हैं।
रिसर्च फर्म SNE के मुताबिक, दुनियाभर में बिकने वाली EV बैटरियों में से लगभग 67% चीन की कंपनियों द्वारा बनाई जाती हैं।
यह पहली बार नहीं है जब चीन ने तकनीकी एक्सपोर्ट पर रोक लगाई हो। इससे पहले भी वह रेयर अर्थ मटेरियल्स और मैग्नेट्स के निर्यात पर पाबंदियां लगा चुका है, जिनका इस्तेमाल EVs, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों में होता है।
भारत जैसे देश, जो अभी भी EV टेक्नोलॉजी के लिए चीन पर भारी निर्भर हैं, वहां यह फैसला बड़ा असर डाल सकता है।
“चीन का यह कदम वैश्विक EV इंडस्ट्री की गति को धीमा कर सकता है।” – इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मत