Summer Car Care Tips: गर्मियों में कड़ी धूप के बीच कार पार्क करना कई लोगों की मजबूरी होती है, खासकर जब शेड या बेसमेंट पार्किंग उपलब्ध न हो। लेकिन यह छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बड़ा नुकसान कर सकती है। कुछ ही मिनटों में कार का केबिन इतना गर्म हो जाता है कि उसमें बैठना मुश्किल हो जाता है। यह न सिर्फ असहज स्थिति पैदा करता है, बल्कि आपकी सेहत और कार दोनों पर बुरा असर डालता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज धूप में खड़ी कार किसी हीट बॉक्स से कम नहीं होती। बाहर का तापमान चाहे जितना हो, कार के अंदर का तापमान उससे 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा पहुंच सकता है। इस अत्यधिक गर्मी से कार के इंटीरियर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और अन्य जरूरी पार्ट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
धूप में लंबे समय तक खड़ी रहने से कार के एक्सटीरियर पर भी बुरा असर पड़ता है। सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें धीरे-धीरे पेंट को नुकसान पहुंचाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि कार का रंग फीका पड़ने लगता है और उसकी चमक खत्म हो जाती है। कई बार पेंट की ऊपरी परत भी खराब हो जाती है, जिससे कार पुरानी और बेकार दिखने लगती है।
कार का इंटीरियर भी इस गर्मी से नहीं बच पाता। डैशबोर्ड, जो प्लास्टिक या विनाइल का बना होता है, गर्मी में सूखकर क्रैक हो सकता है। लेदर सीट्स सख्त होकर फटने लगती हैं, जबकि फैब्रिक सीट्स का रंग उड़ जाता है। इतना ही नहीं, कार के अंदर की हवा भी बेहद गर्म और दमघोंटू हो जाती है, जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
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तेज गर्मी का असर कार की बैटरी और इंजन पर भी पड़ता है। ज्यादा तापमान बैटरी के अंदर मौजूद तरल को तेजी से खत्म कर देता है, जिससे उसकी लाइफ कम हो जाती है। इसके अलावा, इंजन ऑयल और कूलेंट की कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। रबर से बने पार्ट्स जैसे वाइपर ब्लेड, डोर सील और टायर भी गर्मी में सख्त होकर जल्दी खराब हो जाते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार लंबे समय तक नई जैसी बनी रहे, तो हमेशा कोशिश करें कि उसे छांव या कवर वाली जगह पर पार्क करें। छोटी-सी सावधानी आपको बड़े खर्च से बचा सकती है।