रूस से जंग के बीच यूक्रेन में सियासी भूचाल! जेलेंस्की के फैसले के बाद PM यूलिया ने दिया इस्तीफा, जानें वजह
Ukraine Cabinet Reshuffle: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपनी सरकार में चौथे बड़े फेरबदल का ऐलान किया है। जिसके बाद प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने इस्तीफा दे दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ज़ेलेंस्की और यूलिया स्विरीडेंको, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Ukraine PM Yuliya Svyrydenko Resignation: रूस के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपनी सरकार में व्यापक फेरबदल की घोषणा की है, जिसके तुरंत बाद देश की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
इस फैसले के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि यह कदम यूक्रेन की राजनीतिक रणनीति में बदलाव और प्रशासन में नई गति लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यूलिया स्विरीडेंको को कब बनीं थी यूक्रेन की पीएम?
यूलिया स्विरीडेंको जुलाई 2025 में मात्र 39 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बनी थीं। वह यूक्रेन की अर्थव्यवस्था मंत्री रह चुकी हैं, उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण खनिज समझौता पक्का करना माना जाता है, जिसने अमेरिकी हितों को यूक्रेन की सुरक्षा से मजबूती से जोड़ दिया था।
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राष्ट्रपति जेलेंस्की ने उनके इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को एक नया और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पद देने की पेशकश की है । यह पद एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोगी के साथ यूक्रेन के संबंधों को और मजबूत करने से संबंधित होगा। अपने विदाई संदेश में स्विरीडेंको ने कहा कि उन्हें इतिहास के सबसे कठिन दौर में सरकार का नेतृत्व करने पर गर्व है और वे आगे भी देश सेवा के लिए तैयार हैं।
मार्शल लॉ के कारण नहीं हो पा रहे चुनाव
यह फेरबदल रूस के पूर्ण आक्रमण की शुरुआत के बाद से जेलेंस्की सरकार का चौथा बड़ा पुनर्गठन है। बता दें कि यूक्रेन में मार्शल लॉ के कारण देश में चुनाव नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए जेलेंस्की समय-समय पर नेतृत्व में बदलाव कर रहे हैं।
इस घोषणा के बाद राष्ट्रपति ने ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल, गृह मंत्री इगोर क्लिमेंको और रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। जेलेंस्की के अनुसार, अब विदेश नीति के प्रत्येक प्राथमिकता वाले क्षेत्र को एक विशिष्ट अनुभवी व्यक्ति को सौंपा जाएगा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेनी जनता की अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सके।
युद्ध के मैदान में तनाव
एक तरफ कीव में राजनीतिक हलचल है, तो दूसरी तरफ युद्ध के मोर्चे पर भी तनाव चरम पर है। यूक्रेनी सेना ने रूस के सिज़रान ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया है, जो सीमा से लगभग 800 किलोमीटर दूर स्थित है। इन हमलों के कारण रूस के कई इलाकों में ईंधन का भारी संकट पैदा हो गया है और पेट्रोल की राशनिंग शुरू हो गई है।
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रूस ने इसके जवाब में यूक्रेन के ओडेसा और चोरनोमोर्स्क बंदरगाहों पर बमबारी तेज कर दी है। रूस के समारा क्षेत्र में हुए यूक्रेनी हमलों में एक बच्चे सहित कई लोगों के घायल होने की खबर है। जेलेंस्की ने रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर इन हमलों को कीव के ‘लॉन्ग-रेंज प्रतिबंधों वाले अभियान’ का हिस्सा बताया है, जिसका उद्देश्य रूस की युद्ध जारी रखने की क्षमता को कमजोर करना है।
