

ताइज में सऊदी हवाई हमले में 13 लोगों की मौत का दावा
ताइज में भोजन, पानी और रसोई गैस की भारी कमी बताई गई
घेराबंदी के कारण भुखमरी और मानवीय संकट गहराने के आरोप
Yemen Taiz Airstrike: यमन के ताइज शहर में गुरुवार को सऊदी अरब के हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। वहीं, स्थानीय अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि हूती विद्रोहियों की घेराबंदी के कारण शहर में भुखमरी जैसे हालात बन गए हैं। पानी, खाद्य सामग्री और रसोई गैस की कमी से करीब 10 लाख लोग गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।
ताइज के गवर्नर नबील शमसान ने कहा कि शहर में भुखमरी की स्थिति पैदा हो चुकी है। उनके मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने शहर के बाहर पानी के आखिरी स्रोत पर भी कब्जा कर लिया है। गैस की आपूर्ति बंद होने से रेस्तरां बंद हैं और परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन का भंडार भी लगभग खत्म हो चुका है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के अनुसार, शहर में राहत सहायता पर निर्भर छह लाख से अधिक लोगों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। गेहूं के आटे का स्टॉक भी लगभग समाप्त हो गया है।
गवर्नर शमसान ने दावा किया कि अक्टूबर की शुरुआत में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से 271 लोगों की मौत हुई है और 1,129 घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बचावकर्मियों और एंबुलेंस को भी निशाना बनाया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि एक आम नागरिक की कार को एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल करना पड़ा, लेकिन उस पर भी हमला हुआ।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने गुरुवार को कहा कि ताइज की घेराबंदी युद्ध अपराध हो सकती है, क्योंकि नागरिकों को भूखा रखना युद्ध के तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। संगठन की यमन शोधकर्ता निकू जाफरनिया ने कहा कि हूती विद्रोही इस मानवीय संकट को उचित नहीं ठहरा सकते।
वहीं, हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने घेराबंदी के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें सऊदी अरब के गढ़े हुए दावे बताया। अल-मसीरा टीवी पर उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री और मानवीय सहायता के रास्ते खुले हैं। उनके मुताबिक, केवल हथियारों की आपूर्ति रोकी जा रही है, जो सऊदी अरब समर्थित मिलिशिया तक पहुंचाए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक, अगस्त से अब तक करीब 1.24 लाख विस्थापित लोग ताइज में शरण ले चुके हैं। इससे शहर के संसाधनों पर दबाव बढ़ा है।
यमन में 2014 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी इलाकों के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इसके बाद मान्यता प्राप्त सरकार को निर्वासन में जाना पड़ा। ताइज में शहर के मध्य हिस्से पर सरकारी बलों का नियंत्रण है, जबकि आसपास की सड़कों पर हूती विद्रोहियों का कब्जा है।