चलते समय पुतिन का दाहिना हाथ क्यों नहीं हिलता? सामने आई चौंकाने वाली वजह
Vladimir Putin Walk Mystery: पुतिन चलते समय दाहिना हाथ क्यों नहीं हिलाते? क्या वे बॉडी डबल रखते हैं? एक्सपर्ट रिसर्च और आधिकारिक बयानों से जानिए इन दोनों वायरल चर्चाओं की असल सच्चाई।
- Written By: अमन उपाध्याय
चलते समय पुतिन का दाहिना हाथ क्यों नहीं हिलता? फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Putin Right Hand Not Moving: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अक्सर अपने खास चलने के अंदाज़ को लेकर चर्चा में रहते हैं। लोगों की उत्सुकता इस बात को लेकर भी रहती है कि उनके दाहिने हाथ में क्या तकलीफ है, क्योंकि चलते समय उनका राइट हैंड लगभग स्थिर रहता है।
वर्षों से इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं कभी पार्किंसंस, कभी स्ट्रोक और कभी किसी अन्य बीमारी की संभावना। लेकिन विशेषज्ञों की नई रिसर्च इन सभी अनुमानों को गलत साबित करती है।
बीमारी की संभावना पर विचार
नीदरलैंड के Radboud University Medical Center के न्यूरोलॉजी प्रोफेसर बास्टियान ब्लोम और उनकी टीम ने पुतिन के कई वीडियो फुटेज का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि पुतिन का बायां हाथ सामान्य रूप से हिलता है, जबकि दाहिना हाथ छाती के पास स्थिर रहता है, जैसे कि किसी trained posture का पालन किया जा रहा हो।
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ब्लोम, जो गति विकारों के विशेषज्ञ हैं, ने शुरुआत में पार्किंसंस जैसी बीमारी की संभावना पर विचार किया, लेकिन आगे की जांच में यह निष्कर्ष निकला कि यह बीमारी का मामला बिल्कुल नहीं है।
क्या है गनस्लिंगर वॉक?
टीम को सोवियत दौर के केजीबी प्रशिक्षण मैनुअल में इस व्यवहार की वजह का सुराग मिला। मैनुअल के अनुसार, एजेंटों को सिखाया जाता था कि वे चलते समय अपना दाहिना हाथ छाती के पास रखें ताकि किसी भी संभावित खतरे या टकराव की स्थिति में वे तुरंत हथियार निकाल सकें। यह आदत लंबे समय तक प्रशिक्षण का परिणाम हो सकती है, जिसे शोधकर्ता ‘गनस्लिंगर वॉक’ कहते हैं। यही पैटर्न पुतिन के अलावा अन्य रूसी सुरक्षा अधिकारियों और सैन्य कमांडरों में भी देखा गया है।
बॉडी डबल का क्या है राज?
पुतिन के हाथ की चर्चा जितनी होती है, उतनी ही उनके कथित ‘बॉडी डबल’ के उपयोग की भी। कई वर्षों से सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाता रहा है कि वे सुरक्षा कारणों से अपने जैसे दिखने वाले लोगों का इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन स्वयं इस दावे का खंडन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि 2000 के दशक की शुरुआत में, जब रूस चेचन्या युद्ध की स्थिति से गुज़र रहा था, सुरक्षा एजेंसियों ने बॉडी डबल रखने का सुझाव दिया था लेकिन पुतिन ने इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया।
अफवाहों पर भी आधिकारिक रूप से विराम
तास एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में पत्रकार आंद्रेई वंडेंको ने उनसे सीधे पूछा था, “क्या आप असली हैं?” इस पर पुतिन ने हंसते हुए जवाब दिया कि वे बिल्कुल असली हैं और उन्होंने कभी भी बॉडी डबल का इस्तेमाल नहीं किया। इस प्रकार, बॉडी डबल को लेकर फैली अफवाहों पर भी आधिकारिक रूप से विराम लग गया।
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कुल मिलाकर, पुतिन के राइट हैंड का न हिलना किसी बीमारी का संकेत नहीं, बल्कि उनके लंबे समय के केजीबी प्रशिक्षण की देन है। वहीं बॉडी डबल की बातें अब सिर्फ सोशल मीडिया मिथ मानी जा सकती हैं, क्योंकि पुतिन खुद इसे नकार चुके हैं।
