विक्टर ऑर्बन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Hungary Viktor Orban Defeat: हंगरी (Hungary) के संसदीय चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां लंबे समय से सत्ता में रहे राष्ट्रवादी नेता विक्टर ऑर्बन को करारी हार का सामना करना पड़ा। करीब 16 साल तक शासन करने के बाद ऑर्बन ने कंजर्वेटिव नेता पीटर माग्यार के सामने हार स्वीकार कर ली।
करीब 67% वोटों की गिनती के बाद माग्यार की तिस्जा पार्टी को 199 सदस्यीय संसद में लगभग 137 सीटें मिलने का अनुमान है, जो दो-तिहाई बहुमत से भी अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को हुए मतदान में रिकॉर्ड 77.8% मतदान दर्ज किया गया। ऑर्बन ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि परिणाम “दर्दनाक लेकिन स्पष्ट” हैं और जनता ने उन्हें दोबारा शासन का मौका नहीं दिया।
इस चुनाव में जनता का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राजधानी बुडापेस्ट में माग्यार समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया, जबकि ऑर्बन की पार्टी फिदेस्ज के समर्थक शांत दिखाई दिए।
यह चुनाव सिर्फ हंगरी (Hungary) तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे यूरोप और अमेरिका की नजरें इस पर टिकी थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑर्बन का खुलकर समर्थन किया था। वहीं ऑर्बन के व्लादिमीर पुतिन से करीबी संबंध भी चर्चा में रहे। चुनाव से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हंगरी पहुंचे थे और ऑर्बन के साथ रैली में शामिल हुए थे।
45 वर्षीय पीटर माग्यार को हंगरी (Hungary) की राजनीति में उभरता हुआ नया चेहरा माना जा रहा है। महज दो साल पहले सक्रिय राजनीति में आए माग्यार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बेहतर सार्वजनिक सेवाएं और आर्थिक स्थिरता का वादा कर जनता का भरोसा जीता। उन्होंने बताया कि ऑर्बन ने उन्हें फोन कर जीत की बधाई भी दी। ऑर्बन के शासनकाल में हंगरी को ‘इलिबरल डेमोक्रेसी’ के मॉडल के रूप में देखा गया। उनका यूरोपीय संघ के साथ कई मुद्दों पर टकराव रहा, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर।
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यह चुनाव परिणाम देश की करीब 95 लाख आबादी के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। हालांकि अंतिम नतीजे अभी आना बाकी हैं, लेकिन रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि हंगरी में ऑर्बन युग का अंत हो चुका है और पीटर माग्यार के नेतृत्व में एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत होने जा रही है।