

US-Iran Peace Talks Failed: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई महत्वपूर्ण शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि वे बिना किसी समझौते के अमेरिका वापस लौट रहे हैं। मीडिया से बातचीत में वेंस ने पाकिस्तान की मेजबानी की तारीफ की और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तथा सेना प्रमुख आसिम मुनीर का धन्यवाद किया, जिनकी कोशिशों से वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
इसके उल्ट पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस वार्ता को सफल बताया। उन्होंने वार्ता समाप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अगले 10 दिनों में फिर बातचीत शुरू हो सकती है।डार ने हालात को चुनौतीपूर्ण बताया, लेकिन सीजफायर की संभावना को बनाए रखने की उम्मीद जताई।
वहीं, वेंस ने कहा कि लगभग 21 घंटे तक चली गंभीर और रचनात्मक बातचीत के बावजूद कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। उन्होंने इसे ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदेह स्थिति करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने अपनी शर्तें और रेड लाइन्स स्पष्ट कर दी थीं, लेकिन ईरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। वेंस ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता बंद नहीं हुआ है, और पाकिस्तान की मध्यस्थता जारी रहेगी। इसके साथ ही, अमेरिका ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में माइंस हटाने और सुरक्षित मार्ग बनाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy जैसे गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स तैनात किए गए हैं। यह कदम वैश्विक व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेगा, चाहे ईरान सहयोग करे या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हो चुकी है, और उसके कई समुद्री माइंस बिछाने वाले जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।
हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बिना समझौते के खत्म हो गई है, लेकिन दोनों देशों के बीच वार्ता का चैनल खुला रखा गया है। ट्रंप ने कहा कि डील हो या न हो, अमेरिका पहले ही इस संघर्ष में जीत चुका है, जो संकेत देता है कि वे युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं।