हड़प्पाकालीन पशुपति सील पर अमेरिकी इतिहासकार के दावे पर भड़के भारतीय संत, दिया करारा जवाब, देखें VIDEO
Harappan seal Controversy: 4300 साल पुरानी हड़प्पाकालीन पशुपति सील पर अमेरिकी इतिहासकार ऑड्रे ट्रुस्के और संस्कृति मंत्रालय के बीच विवाद छिड़ गया है। इस मामले पर संतों ने कड़ा ऐतराज जताया है।
- Written By: अमन मौर्या
Audrey Truschke On Pashupati Seal: मोहनजोदड़ो से खुदाई में मिली 4300 साल पुरानी हड़प्पा कालीन पशुपति की सील को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने इस प्राचीन सील की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे भारतीय सभ्यता की निरंतरता और भगवान शिव के आदि स्वरूप का प्रतीक बताया है। हालांकि, अमेरिकी इतिहासकार ऑड्रे ट्रुस्के ने इस व्याख्या को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह आकृति भगवान शिव की नहीं है। उनके अनुसार, यह संभवतः प्रोटो-एलामाइट सभ्यता से प्रभावित किसी पशु देवता का चित्रण हो सकता है।
ऑड्रे के इस दावे पर भारत के संतों और सनातनी विचारकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संतों का कहना है कि यह सील हमारे आदि-अनादि सनातन धर्म का अटूट हिस्सा है। उन्होंने अमेरिकी इतिहासकार के दावे को बकवास और सनातन संस्कृति को बदनाम करने तथा समाज को तोड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
Audrey Truschke On Pashupati Seal: मोहनजोदड़ो से खुदाई में मिली 4300 साल पुरानी हड़प्पा कालीन पशुपति की सील को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने इस प्राचीन सील की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे भारतीय सभ्यता की निरंतरता और भगवान शिव के आदि स्वरूप का प्रतीक बताया है। हालांकि, अमेरिकी इतिहासकार ऑड्रे ट्रुस्के ने इस व्याख्या को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह आकृति भगवान शिव की नहीं है। उनके अनुसार, यह संभवतः प्रोटो-एलामाइट सभ्यता से प्रभावित किसी पशु देवता का चित्रण हो सकता है।
ऑड्रे के इस दावे पर भारत के संतों और सनातनी विचारकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संतों का कहना है कि यह सील हमारे आदि-अनादि सनातन धर्म का अटूट हिस्सा है। उन्होंने अमेरिकी इतिहासकार के दावे को बकवास और सनातन संस्कृति को बदनाम करने तथा समाज को तोड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
