ईरान की घेराबंदी तेज, इजरायल के बंदरगाह पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत USS Delbert D. Black; जंग का काउंटडाउन शुरू!
Trump Iran Attack: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिका ने इजरायल के लाल सागर तट पर अपना शक्तिशाली मिसाइल डेस्ट्रॉयर तैनात किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य घेराबंदी का हिस्सा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
यूएसएस डेल्बर्ट डी ब्लैक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Middle East War News In Hindi: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर कसते शिकंजे के बीच एक बड़ी सैन्य हलचल देखने को मिली है। अमेरिका ने अपने सबसे शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Delbert D. Black को इजरायल के लाल सागर स्थित एलात बंदरगाह पर तैनात कर दिया है।
इजरायली सुरक्षा बलों ने इस तैनाती की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक सैन्य सहयोग का हिस्सा बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईलात जैसे दुर्लभ स्थान पर युद्धपोत का डॉक करना ईरान के लिए एक सीधा और सख्त संदेश है।
USS Delbert D. Black की क्या है मारक क्षमता?
USS Delbert D. Black (DDG 119) एक अर्ले बर्क-श्रेणी का ‘फ्लाइट IIA’ विध्वंसक है जो हवा, सतह और पानी के नीचे एक साथ युद्ध करने में सक्षम है। यह अत्याधुनिक एजिस सिस्टम से लैस है, जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर सकता है,। इसमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें, टॉरपीडो और ‘वर्टिकल लॉन्च ASROC’ मिसाइलें मौजूद हैं जो विशेष रूप से पानी के नीचे छिपी पनडुब्बियों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं,। यह जहाज जनवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका के ‘आर्माडा बेड़े’ के हिस्से के रूप में निकला था।
सम्बंधित ख़बरें
लेबनान में इजरायली एयरस्ट्राइक से भीषण तबाही, 7 लोगों की मौत; सीजफायर के बाद भी नहीं थम रहा हमला
ईरान की नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत नाजुक, जेल में कार्डियक क्राइसिस के बाद अस्पताल में भर्ती
ईरान को ‘टोल’ दिया तो खैर नहीं: अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को दी कड़ी चेतावनी, होर्मुज में बढ़ा तनाव
यमन के तट पर तेल टैंकर ‘M/T Eureka’ का अपहरण, सोमालिया की ओर ले गए हथियारबंद हमलावर
जंग का काउंटडाउन और रणनीतिक संकेत
हालांकि अमेरिकी युद्धपोत अक्सर लाल सागर में गश्त करते हैं, लेकिन एलात बंदरगाह पर उनका रुकना काफी दुर्लभ और रणनीतिक माना जाता है। एलात पोर्ट ईरान के पश्चिम में करीब 1700 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस तैनाती का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करना और डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सभी सैन्य विकल्प खुले रखने की सुविधा देना है। रिपोर्टों के अनुसार, वॉशिंगटन का रुख ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौतों के बाद और भी सख्त हो गया है।
ईरान की 1000 ड्रोन वाली तैयारी
अमेरिकी घेराबंदी के जवाब में ईरान ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। ईरान की न्यूज एजेंसी तसनीम के अनुसार, IRGC ने अपनी सेना में 1,000 नए ‘स्ट्रेटेजिक ड्रोन’ शामिल किए हैं ताकि संभावित अमेरिकी हमलों का सामना किया जा सके।
यह भी पढ़ें:- इजरायल-दक्षिण अफ्रीका में आर-पार! राष्ट्रपति रामफोसा ने नेतन्याहू के राजदूत को निकाला, 72 घंटे का अल्टीमेटम
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज़ पर कमांडो ऑपरेशन और लक्षित हमलों जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में यह भारी सैन्य जमावड़ा संकेत दे रहा है कि हालात किसी भी समय एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकते हैं।
