USAID Controversy: फंडिंग का वोटिंग से नहीं है कनेक्शन, सामने आई भारत सरकार की सफाई; फिर भी ट्रंप और मस्क करने जा रहे बड़ा बदलाव
USAID Controversy: वित्त मंत्रालय की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि वर्तमान समय में यूएसएड की तरफ से भारत सरकार के साथ साझेदारी में 75 करोड़ डॉलर के बजट से सात परियोजनाओं को वित्त पोषित किया जा रहा है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
पीएम मोदी, डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क, डिजाइन फोटो
नवभारत डेस्क : यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट यानी USAID की फंडिंग पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के बड़े टेक जाइंट के दावों को लेकर भारत से लेकर पूरी देश-दुनिया में सियासी बवाल मच गया।
ट्रंप ने कहा था कि भारत में लोकसभा चुनाव के दौरान वोटरों की संख्या बढ़ाने के लिए इस एजेंसी ने भारत को 21 मिलियन डॉलर यानी 2.1 करोड़ डॉलर रुपये दिए। ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रंप ने यह भी कहा था कि ऐसा लगता है कि बाइडेन सरकार भारत में किसी और को चुनना चाहती थी।
इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज एलन मस्क ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें इस दावे को बढ़ावा दिया गया कि USAID ने हॉलीवुड सितारों को यूक्रेन की यात्रा के लिए भुगतान किया था। डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के इस दावे के बाद मीडिया से लेकर लोगों के बीच USAID की फंडिंग चर्चा का विषय बनी हुई है।
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इस बीच मीडिया में ये अटकले चलने लगी थी कि 21 मिलियन डॉलर की यह फंडिंग भारत के लिए नहीं बल्कि बांग्लादेश के लिए थी। ऐसे में आज के इस रिपोर्ट में जानेंगे कि USAID फंडिंग का भारत के चुनवा में क्या कोई सच में कनेक्शन रहा है? इसे लेकर वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट सामने आ आई है। इसके बारे में विस्तार से समझने के लिए पढ़ते जाइए इस रिपोर्ट को अंत तक।
वित्त मंत्रालय की आई रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय, फोटो – सोशल मीडिया
भारतीय चुनावों को प्रभावित करने में यूएसएड की भूमिका को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच वित्त मंत्रालय की हालिया वार्षिक रिपोर्ट से पता चलता है कि अमेरिकी एजेंसी ने 2023-24 में भारत में सात परियोजनाओं को वित्त पोषित किया, लेकिन इस मदद का मतदान बढ़ाने में कोई इस्तेमाल नहीं किया गया, जैसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं।
वित्त मंत्रालय की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि वर्तमान समय में यूएसएड की तरफ से भारत सरकार के साथ साझेदारी में 75 करोड़ डॉलर के बजट से सात परियोजनाओं को वित्त पोषित किया जा रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएड) ने सात परियोजनाओं के तहत कुल 9.7 करोड़ डॉलर (करोड़ 825 करोड़ रुपये) की प्रतिबद्धता रखी।
इन परियोजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक मामलों का विभाग ने रिपोर्ट में 2023-24 में वित्त पोषित परियोजनाओं का विवरण भी साझा किया। आर्थिक मामलों का विभाग द्विपक्षीय वित्त पोषण व्यवस्था के लिए नोडल विभाग है। रिपोर्ट की मानें तो मतदान बढ़ाने के लिए कोई धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई, लेकिन कृषि एवं खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम; जल, स्वच्छता एवं आरोग्य (वाश); नवीकरणीय ऊर्जा; आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य से संबंधित परियोजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई।
1951 में शुरू हुई थी सहायता
रिपोर्ट के मुताबिक, सतत वन एवं जलवायु अनुकूलन कार्यक्रम और ऊर्जा दक्षता प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण एवं नवाचार परियोजना के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई। भारत को अमेरिका की द्विपक्षीय विकास सहायता 1951 में शुरू हुई थी और इसे मुख्य रूप से यूएसएड के माध्यम से प्रशासित किया जाता है। अपनी शुरुआत के बाद से, यूएसएड ने 555 से अधिक परियोजनाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में भारत को 17 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
ट्रंप और मस्क USAID में क्यों करना चाहते हैं बदलाव?
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप (सौजन्य : सोशल मीडिया)
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से विदेशी खर्च के आलोचक रहे हैं और उन्होंने कहा है कि यह करदाताओं के पैसे का मूल्यवान उपयोग नहीं है। उन्होंने USAID की विशेष रूप से कड़ी आलोचना की है। व्हाइट हाउस ने USAID परियोजनाओं की एक सूची प्रकाशित की है, जिसके बारे में उसने कहा कि यह “बर्बादी और दुरुपयोग” का सबूत है, जिसमें सर्बिया में LGBTQ समूह को $1.5 मिलियन, वियतनाम में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए $2.5 मिलियन और मिस्र में पर्यटन के लिए $6 मिलियन का अनुदान शामिल है।
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कार्यालय में लौटने के बाद, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसने 90-दिवसीय समीक्षा के लिए लगभग सभी अंतर्राष्ट्रीय खर्चों को रोक दिया। बाद में मानवीय कार्यक्रमों के लिए छूट जारी की गई, लेकिन घोषणा ने अंतर्राष्ट्रीय विकास की दुनिया को उलट दिया और सेवाओं को बाधित कर दिया।
दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज एलन मस्क ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें इस दावे को बढ़ावा दिया गया कि USAID ने हॉलीवुड सितारों को यूक्रेन की यात्रा के लिए भुगतान किया था। मतलब साफ है कि एलन मस्क भी चाहते हैं कि इस एजेंसी में बदलाव किया जाए।
