जब तक ईरान के किले...तेहरान में लंबी लड़ाई लड़ेगा US? ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट नें दिया बड़ा अपडेट

US-Iran War: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान युद्ध के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं, और टैक्स बढ़ाने की संभावना से इनकार करते हुए युद्ध के खर्च के लिए अतिरिक्त धन मांगा।
Scott Bessent US Iran War Funds
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Scott Bessent US Iran War Funds: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में  दिए अपने एक बयान में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं और इसे जारी रखने में कोई आर्थिक समस्या नहीं होगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में युद्ध के बढ़ते खर्च और महंगाई को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं।

हालांकि बेसेंट का बयान ट्रंप प्रशासन का उस योजना से अलग है जिसमें वो  रक्षा खर्च के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि मांगने की प्लानिंग कर रहे हैं। जो यह दर्शाता है कि ईरान के खिलाफ युद्ध अभी जल्दी समाप्त होने वाला नहीं है।

युद्ध के कारण टैक्स में वृद्धि नहीं

NBC न्यूज के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में बोलते हुए स्कॉट बेसेंट ने यह आश्वासन देने की कोशिश की कि युद्ध के कारण टैक्स में कोई वृद्धि नहीं होगी। उन्होंने कहा, "हमारे पास इस युद्ध को जारी रखने के लिए पर्याप्त धन है," और यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त फंडिंग का अनुरोध युद्ध अभियान के आवश्यक खर्च के लिए नहीं, बल्कि सैन्य बलों की तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि यह वित्तीय मांग पूरक है, न कि युद्ध की मुख्य आवश्यकताओं के लिए। बेसेंट ने इस बात से भी इनकार किया कि युद्ध के खर्च के लिए टैक्स बढ़ाए जाएंगे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस अतिरिक्त खर्च को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधन कहां से आएंगे। इस प्रस्तावित फंडिंग अनुरोध का पहले ही विरोध किया जा चुका है।

ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का बचाव

बेसेंट ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा कि कभी-कभी तनाव को कम करने के लिए तनाव बढ़ाना जरूरी होता है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की सख्त भाषा का समर्थन किया और कहा कि ईरानी केवल उसी भाषा को समझते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को यह धमकी दी थी कि अगर ईरान ने 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें नष्ट कर देगा।

ईरान युद्ध के शुरुआती चरणों में ही अरबों डॉलर खर्च हो चुके हैं और इस संघर्ष का वैश्विक आर्थिक प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से, होर्मुज संकट के कारण तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर अमेरिकी नागरिकों पर पड़ रहा है। इससे ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।

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