

Keralam Assembly Election Results Latest Update: केरलम की 140 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद आज जनादेश की घड़ी आ गई है। सोमवार सुबह से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शुरुआती दौर में ही अपनी बढ़त मजबूत कर ली है जबकि सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) रुझानों में फिलहाल काफी पीछे नजर आ रहा है।
केरलम में मतों की गिनती आज सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। निर्वाचन प्रोटोकॉल के अनुसार, शुरुआती आधे घंटे में केवल पोस्टल बैलेट की गिनती की गई, जिसके तुरंत बाद EVM के मतों की गणना शुरू कर दी गई। सुबह 9 बजे तक के जो रुझान सामने आए हैं, वे कांग्रेस के लिए काफी उत्साहजनक हैं। कांग्रेस अकेले 19 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि गठबंधन में शामिल IUML 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दूसरी ओर, माकपा (CPIM) 9 और भाकपा (CPI) केवल 2 सीटों पर आगे चल रही हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA ने भी एक सीट पर बढ़त बनाकर अपना खाता खोल लिया है।
एग्जिट पोल के अनुमानों ने पहले ही राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना जताई थी और शुरुआती रुझान फिलहाल उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं। UDF ने इस चुनाव में महंगाई, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और बेरोजगारी जैसे बड़े मुद्दों को उठाया था। कांग्रेस का लक्ष्य इस बार 80 से 90 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का है हालांकि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर जारी मतभेद उनके लिए अब भी एक बड़ी आंतरिक चुनौती बने हुए हैं।
भले ही शुरुआती रुझान एलडीएफ के पक्ष में न दिख रहे हों लेकिन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वामपंथी गठबंधन तीसरी बार लगातार सत्ता में वापसी को लेकर पूरी तरह से तैयार है। LDF का पूरा चुनाव प्रचार 'विकास और कल्याण' के एजेंडे पर केंद्रित रहा है। उन्होंने अपनी सरकार की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुछ क्षेत्रों में 'मतदाता थकान' और सत्ता विरोधी लहर ने एलडीएफ की राह मुश्किल कर दी है।
इस त्रिकोणीय मुकाबले में NDA भी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर उभरने की कोशिश कर रहा है। भाजपा और उसके सहयोगी दल न केवल अपने वोट शेयर में सुधार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं बल्कि किसी करीबी मुकाबले की स्थिति में वे 'किंगमेकर' की भूमिका निभाने की उम्मीद भी लगाए हुए हैं।
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है कुछ प्रमुख सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। सबकी निगाहें धर्मदम, परावुर और हरिपद जैसी पारंपरिक सीटों के अलावा त्रिशूर, पलक्कड़, नेमोम और निलांबुर पर टिकी हुई हैं। इन सीटों के परिणाम ही अंततः राज्य की अगली सरकार की दिशा और दशा तय करेंगे। फिलहाल, शुरुआती रुझानों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जीत का जोश भर दिया है लेकिन अंतिम परिणाम आने तक स्थिति में बड़े उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।