बीच का बिच्चू नहीं…अंदर ही अंदर बड़ा गेम खेल रहे मुनीर, ईरान पर एक्सपर्ट्स ने खोली पोल, कहा- भरोसा खतरनाक
Asim Munir की ईरान यात्रा और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकियों ने रणनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, जिससे नए वैश्विक समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।
- Written By: अक्षय साहू
आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asim Munir Iran Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के साथ कथित बढ़ती नजदीकियों को लेकर विशेषज्ञों के बीच गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) की ईरान यात्रा ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के माहौल में मुनीर की तेहरान यात्रा को कई रणनीतिक हलकों में अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनरल आसिम मुनीर का ईरान से जुड़ाव नया नहीं है। अमेरिकी मीडिया संगठन फॉक्स न्यूज डिजिटल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब मुनीर 2016-17 में पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के प्रमुख थे, तभी से उन्होंने ईरान के भीतर अपने संपर्क मजबूत करने शुरू कर दिए थे।
मुनीर का ईरानी सैन्य नेतृत्व से पुराने संबंध
रिटायर्ड पाकिस्तानी जनरल अहमद सईद के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आसिम मुनीर (Asim Munir) के संबंध केवल ईरान सरकार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के साथ भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। दावा यह भी किया गया है कि उनके ईरानी सेना और खुफिया तंत्र से गहरे संबंध हैं।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुनीर के संबंध ईरान के उन सैन्य कमांडरों से भी रहे हैं, जो अमेरिका और इजरायल के विरोधी माने जाते थे। इनमें कासिम सुलेमानी का नाम प्रमुख रूप से शामिल है, जिनकी 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी। इसके अलावा 2025 में मारे गए ईरानी कमांडर हुसैन सलामी के साथ भी उनके संबंधों का दावा किया गया है।
अमेरिका के लिए चिंता की वजह?
डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान सेना प्रमुख का ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व से ऐसा व्यक्तिगत संबंध अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती बन सकता है। ‘फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज’ के सीनियर फेलो बिल रोगियो ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान पर अत्यधिक भरोसा अमेरिका के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
रोगियो के मुताबिक, अफगानिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान की भूमिका पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं, जब उस पर तालिबान को अप्रत्यक्ष समर्थन देने के आरोप लगे थे। ऐसे में ईरान के साथ बढ़ती नजदीकियां अमेरिका में पुराने अनुभवों की याद दिला रही हैं।
पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति पर असर
पाकिस्तानी विश्लेषक रजा रूमी का कहना है कि जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) जैसे सैन्य नेताओं का बढ़ता प्रभाव यह दिखाता है कि देश में नागरिक सरकार की पकड़ कमजोर हो रही है और सेना का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, जनरल मुनीर ने हाल ही में ईरान का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति, विदेश मंत्री, संसद अध्यक्ष और शीर्ष सैन्य कमांडरों से मुलाकात की। इन बैठकों में क्षेत्रीय तनाव और संभावित शांति प्रयासों पर चर्चा हुई।
