सऊदी अरब ने पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट डील को कैंसिल कर दिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Saudi Arabia Cancels Pakistan JF-17 Fighter Jet Deal: सऊदी अरब ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दिया है। सऊदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर जेएफ-17 फाइटर जेट की खरीद रद्द कर दी। यह जेट पाकिस्तान और चीन की साझेदारी में बनाए गए हैं और पाकिस्तान ने इनकी वैश्विक बिक्री को बढ़ावा देने के लिए भारी प्रचार किया था। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने लगातार इन जेट्स की ताकत और क्षमताओं के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार किया।
पाकिस्तान की उम्मीद थी कि अजरबैजान के बाद सऊदी अरब भी जेएफ-17 जेट खरीदेगा, जिससे उसे भारी आर्थिक लाभ होगा। इन जेट्स को सऊदी अरब खरीदकर सूडान को देने की योजना भी थी। रक्षा विशेषज्ञ वेबसाइट Militarnyi की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने सऊदी अरब को चेतावनी दी कि वह तुर्की के KAAN फाइटर जेट और पाकिस्तान के जेएफ-17 जेट के सौदों से दूर रहे।
अमेरिका को खाड़ी देशों में चीनी और तुर्की के जेट्स की एंट्री पसंद नहीं है, क्योंकि यह अमेरिका के हथियारों के बाजार में दबाव डालती है। अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब उसके एफ-35 फाइटर जेट खरीदे, लेकिन इजरायल इस सौदे का विरोध कर रहा है।
इसके बावजूद, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं। सितंबर में दोनों देशों ने ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया कि किसी एक देश पर हमला होने पर इसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग को औपचारिक रूप देने वाला माना गया। इसके बाद अब दोनों देश रणनीतिक और आर्थिक समझौतों पर भी चर्चा कर रहे हैं।
सऊदी अरब के पाकिस्तान में राजदूत नवाफ बिन सईद अल मलकी ने कहा कि यह आर्थिक समझौता दोनों मुस्लिम देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा। दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर भी काम करेंगे।
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वहीं, यूएई पाकिस्तान और सऊदी अरब की बढ़ती दोस्ती को लेकर नाराज है। यूएई ने पाकिस्तान को कर्ज चुकाने के लिए दो साल की राहत देने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा, यूएई और सऊदी अरब के बीच यमन और सूडान जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक मुद्दों पर तनाव जारी है।