‘युद्ध हुआ तो 2 घंटे भी नहीं चलेगा’, ईरान की अमेरिका को दो टूक; ट्रंप की सैन्य घेराबंदी से मचा हड़कंप
US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। जहां ट्रंप ने सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं वहीं ईरान ने अपने 'न्यूक्लियर गोल्ड' को बचाने के लिए उन्हें जमीन में छिपा दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Iran Latest News In Hindi: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार तेहरान को धमकियां दे रहे हैं और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को मजबूत कर रहे हैं तो दूसरी ओर ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे एक बहुत बड़े और शक्तिशाली ईरान की ओर बढ़ रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि सैन्य बल के इस्तेमाल की नौबत न आए।
ईरान का ‘न्यूक्लियर गोल्ड’ और टनल मिशन
अमेरिकी हमले के बढ़ते खतरे के बीच ईरान ने अपनी सबसे मूल्यवान संपत्ति यानी अपनी न्यूक्लियर साइट्स को सुरक्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपने परमाणु केंद्रों को जमीन में काफी गहराई में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है और टनल (सुरंगों) को सील किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित हवाई या मिसाइल हमले से बचा जा सके।
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इसे ईरान का ‘न्यूक्लियर गोल्ड’ बचाने की कोशिश कहा जा रहा है। इसके साथ ही तुर्किये के दौरे पर गए ईरानी विदेश मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ईरान अपने मिसाइल प्रोग्राम और रक्षा क्षमताओं पर कोई समझौता नहीं करेगा।
‘युद्ध हुआ तो 2 घंटे भी नहीं चलेगा’
ईरान की सेना ने अमेरिका की सैन्य तैयारियों पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने दावा किया कि यदि युद्ध शुरू होता है, तो यह दो घंटे भी नहीं चलेगा। उन्होंने अमेरिकी विमानवाहक पोतों की कमियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये पोत अब ईरान की मध्यम दूरी की मिसाइलों की मारक क्षमता के भीतर हैं।
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वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने यूएई के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि उनके लोगों या राज्य पर हमला हुआ तो इसका तुरंत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
क्षेत्रीय घेराबंदी और अमेरिकी रणनीति
तनाव के बीच खबर है कि एक अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शिप इजरायल पहुंच चुका है जिसे ईरान की घेराबंदी का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका लगातार मध्य पूर्व में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, दोनों देशों के बयानों और सैन्य हलचलों ने दुनिया को एक बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
