रेड जोन सील… होटलों में नई बुकिंग पर रोक, US-ईरान वार्ता के लिए अभेद्य किले में फिर तब्दील हुआ इस्लामाबाद
Us Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए अगले हफ्ते इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत संभव है। सीजफायर खत्म होने की समयसीमा से पहले अंतरराष्ट्रीय सरगर्मी बढ़ा दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
इस्लामाबाद वार्ता, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Us Iran Talks Pakistan Mediation: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। मिल रही रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच अगले दौर की उच्च स्तरीय बातचीत अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक की तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन पाकिस्तान में हो रही जमीनी स्तर पर गतिविधियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि अगली वार्ता जल्द होने की संभावना है।
स्थायी रूप से बंद हुईं सड़के
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर अमेरिकी भारी सैन्य विमान C-17 ग्लोबमास्टर III को उतरते देखा गया है। यह एयरबेस इस्लामाबाद के बेहद करीब है और इसकी सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। इसके अलावा, एयरपोर्ट से लेकर इस्लामाबाद के ‘रेड जोन’ तक जाने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सुरक्षा को लेकर इस्लामाबाद के बड़े होटलों, जैसे सेरेना और मैरियट को खाली कराया जा रहा है और वहां नई बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
क्या फिर से आगे बढ़ेगी सीजफायर की समयसीमा?
इस वार्ता की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि दोनों देशों के बीच लागू वर्तमान सीजफायर 21 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में 21 अप्रैल से पहले होने वाली यह बातचीत क्षेत्र में शांति या फिर नए संघर्ष की दिशा तय करेगी। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल के दूसरे हफ्ते में दोनों देशों के बीच लगभग 21 घंटे तक मैराथन बातचीत हुई थी लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था।
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इस्लामाबाद जा सकते हैं ट्रंप
इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मुख्य मध्यस्थ बनकर उभरा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरान का दौरा किया था, जहां उन्होंने शांति बहाली के लिए ईरानी नेतृत्व से संवाद किया। अमेरिका की तरफ से भी इसको लेकर बहुत ही सकारात्मक संकेत मिले हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि ईरान के साथ किसी ठोस समझौते पर सहमति बनती है, तो वह खुद इस्लामाबाद आकर उस डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
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Strait of Hormuz में ढील
कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के माहौल को सुधारने के लिए ईरान ने भी कुछ कदम उठाए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, Strait of Hormuz को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया गया है, जिसे एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या यह वार्ता किसी ऐतिहासिक शांति समझौते का रास्ता साफ करेगी या तनाव एक नए चरम पर पहुंचेगा।
