US Iran Peace Talks: वेंस-कुशनर संग हाई-लेवल डेलिगेशन जा रहा इस्लामाबाद, PAK पर टिकीं दुनिया की नजरें
US Iran Peace Talks Round Two: राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर जेडी वेंस के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचेगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
यूएस ईरान शांति वार्ता, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Iran Peace Talks Round Two News In Hindi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने आधिकारिक घोषणा की है कि ईरान के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए एक उच्च स्तरीय अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचेगा। इस मिशन का प्राथमिक उद्देश्य बुधवार को समाप्त होने वाले नाजुक सीजफायर की अवधि को बढ़ाना और होर्मुज स्ट्रेट पर जारी तनाव को कम करना है।
डेलिगेशन में शामिल हैं ट्रंप के ‘खास’ चेहरे
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस महत्वपूर्ण शांति मिशन का नेतृत्व अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। वेंस के साथ इस डेलिगेशन में ट्रंप के करीबी सहयोगी स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। गौरतलब है कि ये तीनों चेहरे ईरान के साथ हुई पहले दौर की वार्ता का भी हिस्सा रहे थे जिससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ एक ठोस समझौते के लिए अपनी सबसे भरोसेमंद टीम का उपयोग कर रहा है।
ट्रंप का ‘अल्टीमेटम’
शांति वार्ता की पहल के साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि वह ईरान को एक ‘उचित और तर्कसंगत’ डील की पेशकश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर ईरान इस प्रस्ताव को नहीं मानता, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को नष्ट कर देगा। अब कोई शरीफ आदमी बनकर नहीं रहेगा (NO MORE MR. NICE GUY)’। ट्रंप के इस बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हो रही है और इसे युद्ध अपराधों की श्रेणी में रखे जाने की चेतावनी दी गई है।
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पाकिस्तान में सुरक्षा कड़ी
ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बैठक की पुष्टि नहीं की है लेकिन उसके मुख्य वार्ताकार और संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने संकेत दिए हैं कि वे कूटनीति के रास्ते से पीछे नहीं हटेंगे।
गालीबाफ के अनुसार, ईरान को अमेरिका से नए प्रस्ताव मिले हैं जिन पर विचार किया जा रहा है हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं। इस बीच, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। अमेरिकी एडवांस सिक्योरिटी टीमें पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुकी हैं और मध्यस्थता की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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क्या पटरी पर आएगी बातचीत?
शांति वार्ता का पिछला दौर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण विफल हो गया था। इस बार भी चुनौती कम नहीं है क्योंकि ईरान का परमाणु संवर्धन कार्यक्रम उसके क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूह और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण जैसे जटिल मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। अब दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या जेडी वेंस और उनकी टीम इस गतिरोध को खत्म कर पाएगी या क्षेत्र एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।
