अमेरिकी मिसाइल संकट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Missile Defense Strategy: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच छिड़ी इस भीषण जंग में अब हथियारों के खत्म होने का डर सताने लगा है। पिछले चार दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान की सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों को आसमान में ही मार गिराया है। लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ईरान का विशाल मिसाइल जखीरा अमेरिका के रक्षा कवच को तोड़ सकता है। अगर यह युद्ध हफ्तों तक चला, तो अमेरिका के पास खुद को बचाने के लिए जरूरी मिसाइलें कम पड़ सकती हैं।
इजराइल के ताजा अनुमानों के मुताबिक ईरान के पास वर्तमान में लगभग 2,500 घातक बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं। यह संख्या अमेरिका और इजराइल के पास उपलब्ध कुल इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार से भी कहीं अधिक हो सकती है। थिंक-टैंक स्टिम्सन सेंटर की एक्सपर्ट केली ग्रिको ने आगाह किया है कि इंटरसेप्टर मिसाइलें ईरान से पहले खत्म हो सकती हैं।
ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें बहुत महंगी हैं और इनकी संख्या काफी सीमित है। समस्या यह है कि अमेरिका इन्हें जितनी तेजी से युद्ध में खर्च कर रहा है, उतनी तेजी से बनाना फिलहाल नामुमकिन है। यूरोप और इंडो-पैसिफिक जैसे अन्य वैश्विक क्षेत्रों में भी इन रक्षा प्रणालियों की भारी मांग बनी हुई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह भीषण संघर्ष आने वाले चार से छह हफ्तों तक खिंच सकता है। अटलांटिक काउंसिल के जो कोस्टा के अनुसार, लंबे युद्ध से अमेरिका के उन मिसाइल भंडारों पर भारी दबाव पड़ेगा। इन हथियारों की जरूरत भविष्य में चीन और रूस जैसी अन्य बड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी पड़ सकती है।
अमेरिकी रक्षा प्रमुख पीट हेगसेथ ने कहा है कि युद्ध की अवधि दो हफ्ते से लेकर छह हफ्ते तक भी जा सकती है। फिलहाल अमेरिका और इजराइल ईरान के मिसाइल लॉन्च ठिकानों को ढूंढकर उन्हें नष्ट करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जीत इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान की लॉन्चिंग क्षमता अमेरिका के रक्षा कवच के खत्म होने से पहले नष्ट होती है या नहीं।
हाल ही में यूएई के एयर डिफेंस ने 9 बैलिस्टिक मिसाइल और 148 ड्रोन्स को मार गिराकर एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। हालांकि ड्रोन से निपटने में मौजूदा प्रणालियां प्रभावी हैं, लेकिन असली संकट बड़ी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का है। हवा में मिसाइलों को नष्ट करना सफल तो है, लेकिन इसकी बहुत भारी आर्थिक और रणनीतिक कीमत अमेरिका को चुकानी पड़ रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका का मिसाइल भंडार खाली होता है, तो यह चीन और रूस के लिए एक ‘मौका’ साबित हो सकता है। जब अमेरिका की पूरी ताकत मिडिल ईस्ट में उलझी होगी, तब वैश्विक संतुलन बिगड़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसीलिए अमेरिकी प्रशासन अब ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को जल्द से जल्द खत्म करने की योजना पर काम कर रहा है।