डोनाल्ड ट्रंप और जोसेफ केंट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Counterterrorism Chief Resigns: मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को अपने ही घर में बड़े विरोध का सामना करना पड़ा है। अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के डायरेक्टर जोसेफ केंट ने इस जंग के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जोसेफ केंट ट्रंप सरकार के ऐसे पहले और सबसे बड़े अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने इस युद्ध की वैधता पर सवाल उठाते हुए पद छोड़ा है।
जोसेफ केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना इस्तीफा पत्र पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को चुनौती दी है। केंट ने लिखा कि वे अपने विवेक के अनुसार इस चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते क्योंकि ईरान से अमेरिका को कोई भी तात्कालिक या सीधा खतरा नहीं था। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि हमला अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी था।
After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today. I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr — Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026
अपने इस्तीफे में केंट ने इस युद्ध के पीछे के कारणों पर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध इजरायल और उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए लिखा कि कुछ लोगों ने गलत जानकारी देकर यह माहौल बनाया कि ईरान से बड़ा खतरा है और यह विश्वास दिलाया कि जल्दी हमला करने से जीत मिल जाएगी। जबकि यह हकीकत नहीं है। केंट ने इसकी तुलना इराक युद्ध से की, जहां गलत सूचनाओं के कारण अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
केंट ने पत्र में राष्ट्रपति ट्रंप को उनकी पुरानी नीतियों की याद दिलाई, जहां ट्रंप स्वयं मानते थे कि मिडिल ईस्ट के युद्ध अमेरिका के लिए नुकसानदेह हैं और इनमें सैनिकों की जान के साथ देश का पैसा भी बर्बाद होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने पहले कार्यकाल में बिना लंबी लड़ाई में फंसे कासिम सुलेमानी को मारकर और ISIS को हराकर सही ताकत दिखाई थी लेकिन वर्तमान युद्ध उस नीति के विपरीत है।
45 वर्षीय जोसेफ केंट कोई सामान्य अधिकारी नहीं बल्कि अमेरिकी स्पेशल फोर्स और सीआईए (CIA) के अनुभवी जांबाज रहे हैं। वे 11 बार युद्ध के मोर्चे पर जा चुके हैं और उनकी पत्नी शैनन केंट की मौत भी 2019 में सीरिया में एक आत्मघाती हमले में हुई थी। केंट को नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड का करीबी भी माना जाता है। उनके इस इस्तीफे से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सरकार के भीतर इस जंग को लेकर भारी मतभेद हैं।